बिजली के तार और टावरों से पक्षियों को बचाने पर हुई चर्चा


मदस विश्वविद्यालय में विश्व प्रवासी पक्षी दिवस पर संगोष्ठी को संबोधित करते अतिथिगण।

अजमेर : महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा बुधवार को विश्व प्रवासी पक्षी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर प्रवासी पक्षी व उनके आवास स्थल को बचाने व जागरूकता बढ़ाने के लिए संगोष्ठी आयोजित की गई।विभागाध्यक्ष प्रो प्रवीण माथुर ने बताया कि विश्व प्रवासी पक्षी दिवस विश्वविद्यालय में वर्ष 2006 से मनाया जा रहा है। यह अभियान दो अंतर्राष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण संस्थाओं के समझौतों के तहत चलाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के प्रवासी पक्षी दिवस की थीम ‘उनका भविष्य, हमारा भविष्य है’। उन्होंने हाल ही में अजमेर शहर में हुए पक्षी मेले का जिक्र किया जिसमें आमजन ने पक्षियों के प्रति संवेदना व्यक्त की व पक्षियों के प्रति अपना रुझान दर्शाया। उन्होंने विकास के नाम पर पक्षियों की अकाल मृत्यु का जिक्र भी किया और उन्हें बचाने के लिए आमजन को आगे आने का आह्वान भी किया। उन्होंने बिजली तार, टावर व दूसरी ऊंची इमारतों से पक्षियों को हो रहे नुकसान की चर्चा की व उन्हें बचाने के तरीकों पर दिशा निर्देश भी दिए। अमर सिंह ने राजस्थान की संस्कृति में पक्षियों के महत्व के बारे में चर्चा की। उन्होंने पवन उर्जा से प्रवासी पक्षियों को हो रही क्षति के बारे में भी बताया कार्यक्रम में ग्रामीण महिला विकास संस्थान के अनिल माथुर, बर्ड कंजर्वेशन सोसायटी, अजमेर के अनिल जैन, एस.पी. कटारिया, डॉ. सिरोया, डॉ. विजय मीणा, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. रुचिरा भारद्वाज, संगीता पाटन, फिरोज खान, शुभ्रा सिंह, पारूल, सुष्मिता आदि मौजूद थे।

– विनीत लोहिया