पानी, मौसमी बीमारियों पर सरकार चिन्तित


Rajendra Rathore

जयपुर,(कासं) : गर्मियों में पानी की सुचारू व्यवस्था और मौसमी बीमारियों को लेकर राज्य सरकार चिन्तित है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां सीएमओ में हुई कैबिनेट बैठक में गर्मियों में पेयजल प्रबंधन और मौसमी बीमारियां छाई रही। बैठक में निर्णय किया गया कि हर जिले को पेयजल के लिए 50 लाख रुपए कंटीजेंसी प्लान में दिया गया।

संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने पत्रकारों को कैबिनेट बैठक में किए निर्णयों का ब्यौरा देते हुए बताया कि प्रदेश में साढ़े चार लाख हैण्डपम्प है जिनकी विशेष अभियान चलाकर मरम्मत की जाएगी, जहां पर ट्यूबवैल और हैण्डपम्प सूख गए वहां पर नए लगाने के निर्देश दिए है।  पानी के लिए जितने भी टैंकर लगेंगे उन्हें जीपीएस सिस्टम से जोड़ा जाएगा। पुरानी पाइप लाइन को बदलने का काम भी किया जाएगा।

अवैध बूस्टर के खिलाफ अभियान चलेगा। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर नियंत्रण कक्ष खोला गया है जिसका टोल फ्री नम्बर 18001806088 है। मुख्यमंत्री ने हर 15 दिन में मौसमी बिमारियों और पीने के पानी की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए है।

किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है जिसमें 2022 तक आमदनी दुगनी करने के निर्देश है। 13 जिलों के 5 हजार 656 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया गया है, वहां पर गौशालाओं को अनुदान, चारे पाने का इंतजाम के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने शहरी जन कल्याण शिविर व प. दीनदयाल अभियान को लेकर जनहित में नियमों का संशोधन करने और आमजन को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाने के निर्देश दिए है।

कैदियों को समय पूर्व रिहाई के लिए मिलेगी अतिरिक्त छूट : राजस्थान की जेलों में बंद कैदियों को अच्छे आचरण पर जल्द रिहाई के लिए अतिरिक्त छूट मिलेगी। राठौड़ ने बताया कि कैदी को एक माह की सजा पूरी होने पर अच्छे आचरण के लिए दो दिन का परिहार दिया जाता है। अब पैरोल अवधि को भी सजा अवधि मानते हुए परिहार की गणना करने का निर्णय किया गया है। इससे नियमित अथवा स्थाई पैरोल पर होने वाले कैदियों सहित अच्छा आचरण करने वाले बंदियों को सजा की कुल अवधि में अतिरिक्त छूट मिल सकेगी। इसके लिए राजस्थान कारागार नियम-1951 के पार्ट-3 के नियम-5 में संशोधन को मंजूरी दी गई।

राठौड़ ने बताया कि मंत्रिमण्डल ने उम्रकैद की सजा भुगत रहे बंदियों को 14 वर्ष की कैद की अवधि पूरी कर लेने पर समय पूर्व रिहाई की पात्रता के लिए 4 वर्ष का परिहार अर्जित करने की शर्त को ढाई वर्ष करने का भी निर्णय किया। इसके अतिरिक्त गांधी जयन्ती, महावीर जयन्ती जैसे विशेष अवसरों पर बंदियों को दिए जाने वाले विशेष परिहार को भी उक्त समय पूर्व रिहाई की पात्रता के लिए गणना में शामिल किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए दी प्रिजनर्स (शार्टनिंग ऑफ सेन्टेंसेज) रूल्स, 2006 के नियम 8(2) में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

दो औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा कस्टमाइज पैकेज
कैबिनेट की बैठक में अक्ष ऑप्टिफ ाइबर लिमिटेड को देश की सबसे बड़ी ऑप्थेलमिक लैंस की निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए कस्टमाइज पैकेज देने का निर्णय किया है। यह कम्पनी वर्ष,2020-21 तक अलवर जिले के भिवाड़ी में 100 करोड़ रुपए का निवेश करेगी, जिससे करीब 950 लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। इस इकाई में प्रतिदिन दो लाख ऑप्थेलमिक लैंस बनाए जा सकेंगे। साथ ही सुदिवा स्पिनर्स को भीलवाड़ा में दूसरी इकाई की स्थापना के लिए भी कस्टमाइज पैकेज देने का निर्णय किया गया है। इन कम्पनियों को ये लाभ निर्धारित निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर देय होंगे। 260 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस इकाई में लगभग 425 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

जल स्वावलम्बन अभियान की होगी इम्पेक्ट स्टडी
राठौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान का दूसरा चरण 9 दिसम्बर से चलाया जा रहा है जिसे 30 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए है।  चार हजार 213 गांवों में 1 लाख 35 हजार 301 वाटर स्ट्रक्टचर बनाने का लक्ष्य रखा है और इसमें 1823 करोड़ रुपए का निवेश होगा। अब तक 94 हजार 157 कार्य चल रहे हैं और 36 हजार से अधिक काम पूरे हो चुके है। फेज -2 से पहले की इम्पेक्ट स्टडी होगी, जिसमें जल स्तर में कितनी बढ़ोतरी हुई,  फसल उत्पादन, वन क्षेत्र का विस्तार सहित कई बिंदुओं को लिया गया है।

अब तक स्वाइन फ्लू  से 25 मौत, 223 पॉजिटिव
बैठक में मौसमी बीमारियों की समीक्षा की गई है। अब तक स्वाइन फ्लू के 223 पॉजिटिव केस आए है तथा 25 मौत हुई है। शत प्रतिशत उपचार के निर्देश दिए है। सैटेलाइट हॉस्पिटल के स्तर पर आइसोलेशन वार्ड बनाना है। वहीं 10 स्थानों पर मुफ्त में जांच सुविधा शुरू होगी। स्वाइन फ्लू का जहां पर एक केस सामने आएगा वहां पर आसपास के 50 घरों की स्क्रीनिंग की जाएगी। पानी के स्त्रोत को देखा जाएगा। डेंगू एवं चिकनगुनिया की योजना बनाकर कार्यकारी विभाग प्रस्तुत कर रहा है।