गुरुवार 13 जुलाई की रात करीब साढ़े 10 बजे काम के दौरान दिल का दौरा पड़ने से दैनिक भास्कर अखबार के ग्रुप एडिटर कल्पेश याग्निक का निधन हो गया। उन्हें तुरंत बॉम्बे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे 55 वर्ष के थे। बॉम्बे हॉस्पिटल में करीब साढ़े तीन घंटे तक उनका इलाज चला, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक इलाज के दौरान ही उन्हें दूसरा दिल का दौरा पड़ा,

जिससे उनका निधन हो गया। रात करीब 2 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनका अंतिम संस्कार आज इंदौर के तिलक नगर मुक्तिधाम में किया जाएगा। 21 जून 1963 को जन्मे कल्पेश याग्निक ने पत्रकारिता का सफर इंदौर से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार फ्री प्रेस से शुरू किया था। 1998 से वह दैनिक भास्कर से जुड़े थे। वे पैनी लेखनी के लिए जाने जाते थे। देश और समाज में चल रहे संवेदनशील मुद्दों पर बेबाक और निष्पक्ष लिखते थे। प्रत्येक शनिवार को दैनिक भास्कर में प्रकाशित होने वाला उनका कॉलम ‘असंभव के विरुद्ध’ काफी चर्चित रहता था।