स्मृति का राहुल को जोरदार जवाब,कहा ‘नेहरू-गांधी परिवार की देन है कश्मीर समस्या’


कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले को लेकर निशाना साधते हुए कहा था कि “PM मोदी की बनाई नीतियों के कारण कश्मीर में आतंकवादियों को मौका मिला है।” जिसके बाद भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर पलटवार किया है। स्मृति ईरानी ने न सिर्फ राहुल गांधी, बल्कि पूरे नेहरू-गांधी परिवार पर ही हल्ला बोल दिया है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर पर अमरनाथ यात्रा पर हुए आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाया है। स्मृति ने कहा है, ‘’राहुल गांधी ने तुच्छ राजनीति का प्रमाण दिया है। जब सिर्फ पीएम मोदी ही नहीं बल्कि पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एक गंभीर युद्ध लड़ रहा है तो राहुल गांधी का ऐसा कटाक्ष करना अपनी छुट्टी से लौटने के बाद इस बात का संकेत है कि वह राजनीति करने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे।’’

राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा है, ‘’मोदी की नीतियों ने कश्मीर में आतंकवादियों के लिए जगह बनाने का काम किया है। इससे भारत को गंभीर रणनीतिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पीडीपी से हाथ मिलाकर मोदी को भले ही तात्कालिक राजनीतिक फायदा हुआ हो, लेकिन भारत को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है।’’

स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के इस आरोप का जवाब ये कहते हुए दिया कि कश्मीर में देश को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, उसके लिए पूरा नेहरू-गांधी परिवार जिम्मेदार है। स्मृति ने कहा है कि ‘’देश भली भांती जानता है और इतिहार गवाह है कि आज कश्मीर में जो चुनौतियां हैं वह नेहरु-गांधी परिवार की ही देन हैं।’’


उन्होंने कहा कि ‘’राहुल गांधी अपने ट्वीट में निजी फायदे का उल्लेख करते हैं। जब उनकी पार्टी के लोग हमारे आर्मी चीफ को गुंडा बुलाते हैं तो यह उनका निजी फायदा है या राजनीतिक फायदा है।’’

राहुल गांधी के ट्वीट की जिस लाइन से भाजपा सबसे ज्यादा भड़की हुई है, वो है पीएम मोदी पर निजी फायदे का आरोप है। राहुल ने लिखा है कि ‘’मोदी का व्यक्तिगत फायदा = भारत की रणनीतिक हार + निर्दोष भारतीयों के खून की कुर्बानी।’’दरअसल, अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले के बाद से राहुल गांधी लगातार पीएम मोदी को निशाना बनाते आ रहे हैं।

10 जुलाई को राहुल ने अपने ट्वीट में आतंकी हमले को सुरक्षा में भारी चूक बताते हुए प्रधानमंत्री से इसकी जिम्मेदारी लेने को कहा था। 18 विपक्षी दलों ने भी एक प्रस्ताव पारित करके कहा है कि सरकार को इस बात पर आत्मचिंतन करना चाहिए कि पहले से खुफिया जानकारी मिलने के बावजूद अमरनाथ यात्रियों पर हुए कायराना आतंकी हमले को रोका क्यों नहीं जा सका।