भोपाल : मध्यप्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने आज कहा कि नशामुक्ति के लिए समाज को बदलना होगा। श्री सारंग ने यहां अयोध्या बायपास में गैर सरकारी संगठन के संकल्प नशामुक्ति केंद्र का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि नशा एक तरह का कैंसर है, नशाबंदी करके इसे नहीं रोका जा सकता।

इसके लिए समाज को दृढ़ता से आगे आना होगा। जब समाज बदलेगा, तभी ऐसी चीजों से निपटा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि एक ऐसी रिपोर्ट आई है कि श्योपुर में शराब दुकानों के लायसेंस सरेंडर कर दिए गए हैं, क्योंकि सहरिया समाज के सदस्यों ने शराब पीना छोड़ दिया है।

इस अवसर पर केंद्र के संस्थापक राहुल सिंह ने कहा कि शराब या मादक पदार्थों का सेवन समाज के लिए मुख्य समस्या है। नशामुक्ति ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करने की आवश्यकता है। केंद्र का उद्देश्य नशा करने वालों को समग्र रूप से इससे बचाने का है।

उन्होंने बताया कि केंद्र को नशे के आदी लोगों के उपचार और उनके पुनर्वास का बहुत अनुभव है। सीहोर में भी कई वर्षों से इस संगठन का एक केंद्र चल रहा है। श्री सिंह ने कहा कि व्यसन करने वालों की हालत के अनुसार उनके शरीर में मौजूद नशे के जहर का उपचार किया जाता है। इसमें शुरुआती उपचार 8 से 10 दिन का होता है, फिर मरीज को नशे से मुक्ति दिलाने के लिए व्यक्तिगत रूप से इलाज किया जाता है। उन्हें योग और ध्यान भी कराया जाता है।

हमारी मुख्य खबरों के लिए यहां क्लिक करे।