भोपाल : महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि बालिकाओं और महिलाओं को ड्रायविंग लाइसेंस उपलब्ध कराने के लिये प्रदेश के ड्रायविंग स्कूलों को सूचीबद्ध करते हुए महिला सशक्तिकरण संचालनालय द्वारा विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आपरेशन ड्रायविंग शौर्या को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से भी जोड़ा जाएगा।

प्रथम चरण में यह अभियान भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, छतरपुर, बुरहानपुर, विदिशा और सीहोर में संचालित होगा। यह बात श्रीमती चिटनिस ने बालिकाओं और महिलाओं को ड्रायविंग लाईसेंस उपलब्ध कराने के लिये जारी गतिविधियों की राज्य मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में कही। इस मौके पर आयुक्त परिवहन शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने एक जानकारी में बताया कि प्रदेश में 120 ड्रायविंग स्कूल संचालित हैं।

इस अभियान के अंतर्गत महिलाओं को ड्रायविंग के साथ-साथ ट्रेफिक नियमों की जानकारी भी दी जाएगी। इस बीच श्रीमती चिटनिस ने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं को ड्रायविंग लाईसेंस बनवाने के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान भी संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत जिन महिलाओं ने लर्निंग लाईसेंस बनवा लिया है, उन्हें एक माह बाद नियमित लाईसेंस उपलब्ध कराने और महिलाओं और बालिकाओं को ड्रायविंग लाईसेंस बनवाने के लिये प्रेरित किया जाएगा। समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव महिला बाल विकास जे एन कन्सोटिया, आयुक्त महिला सशक्तिकरण श्रीमती जयश्री कियावत भी मौजूद थीं।

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