पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को विपक्ष के आरोपों को दरकिनार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार के विकास को गति मिली है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के सीमा की सुरक्षा के लिए आरएसएस कार्यकर्ताओं के जाने के बयान पर उन्होंने कहा कि अगर कोई नागरिक या संगठन ऐसा कहता है, तो इसमें कोई विवाद नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने ‘लोकसंवाद कार्यक्रम’ में भाग लेने के बाद संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि बिहार में सरकार चल रही है, इसमें कहीं कोई समस्या नहीं है। पत्रकारों द्वारा अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि इस समस्या का समाधान और विवाद की समाप्ति दो तरीके से ही संभव है। पहला आपसी बातचीत के आधार पर और दूसरा न्यायालय के फैसले से।

मोहन भागवत के आरएसएस द्वारा सीमा पर दुश्मनों से लड़ाई लड़ने के बयान पर पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगर कोई नागरिक या संगठन ऐसा कहता है, तो इसमें कोई विवाद नहीं होना चाहिए। वैसे मैंने खुद यह बयान नहीं सुना है।’ भागवत ने रविवार को कहा था, ‘राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ कोई सैन्य संगठन नहीं है, लेकिन हमारे पास सेना जैसा अनुशासन है।

अगर देश की आश्यकता है और देश का संविधान इजाजत देता है तो आएसएस सीमा पर शत्रुओं के खिलाफलड़ने के लिए तैयार है।’ भागवत ने कहा कि देश की खातिर लड़ाई के लिए आरएसएस कुछ दिनों के भीतर सेना बनाने की क्षमता रखता है।

नीतीश ने एक बार फिर महागठबंधन की टूट की चर्चा करते हुए कहा, ‘मेरे नेतृत्व में महागठबंधन को जो जनादेश मिला था वह भ्रष्टाचार से समझौता करने के लिए नहीं, बिहार की सेवा के लिए मिला था।’ नीतीश ने कहा, ‘मुझे तो पहले से ही इसका अहसास हो गया था कि महागठबंधन की सरकार डेढ़ साल से ज्यादा नहीं चल पाएगी।’ उन्होंने लालू प्रसाद के चारा घोटाले मामले में फंसाए जाने के आरोपों पर बिना किसी के नाम लिए कहा, ‘बताइए ना, 21 साल पहले के मामले में ट्रायल चल रहा है। इसमें मेरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्या भूमिका हो सकती है? खैर, जिसको जो कहना हो कहे, मेरा काम तो बिहार के लोगों की सेवा करने का है।’

मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार, बिहार का स्थान 22वां है। स्थिति में सुधार हो रहा है। दहेज हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में बिहार की स्थिति अच्छी नहीं है। इसमें सुधार के लिए बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले अपराध में पुलिस तेजी से जांच कर रही है और डिटेक्ट कर रही है, जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो रही है। अपराध का आंकड़े घट रहा है। सरकारी तंत्र मुस्तैद है और वह स्थिति पर नजर बनाए रखते हैं। श्री कुमार ने कहा कि बिहार में कोई भी आपराधिक घटना होती है तो उसका मीडिया में काफी कवरेज होती है जबकि अन्य राज्यों में इस तरह की बात नहीं है।

मीडिया को कवरेज करने का पूरा अधिकार है और वह इसके हिमायती भी हैं। उन्होंने कहा कि वह महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चलते हुए उन बातों को भी सहर्ष स्वीकार करते हैं जो उनकी आलोचना में कहा जाता है। उन्होंने कहा कि एक तरह से मीडिया में किसी भी घटना के ज्यादा कवरेज होने से लाभ भी होता है क्योंकि वह इसका संज्ञान लेते हुये अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हैं। उन्होंने सवाल किया कि कर्नाटक में एक वरिष्ठ महिला पत्रकार की कुछ सप्ताह पूर्व हत्या कर दी गई थी लेकिन उस पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी कोई चर्चा नहीं हो रही।

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