घाटी में हड़ताल जारी , सुरक्षाबल तैनात


जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के 1 शीर्ष कमांडर समेत 2 आतंकवादियों के अलावा 2 कश्मीरी नागरिकों के मारे जाने के विरोध में अलगाववादियों द्वारा किए गए के आह्वान को देखते हुए आज लगातार तीसरे दिन घाटी के कई हिस्सों में प्रतिबंध जारी रहे ।

Source

आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान 2  कश्मीरी नागरिकों के मारे जाने के विरोध में अलगाववादियों द्वारा अधिकारियों ने का कहना है कि जम्मू & कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के 7 पुलिस थाना क्षेत्रों में रोक लगाये गये हैं । नौहट्टा, एम आर गुंज, रैनावाड़ी, खानयार और सफाकदल में लगातार तीसरे दिन रोक जारी है जबकि 2 अन्य थाना क्षेत्रों मैसूमा और क्रलखुद में आज निषेधाज्ञा लागू की गई है।

अधिकारियों ने  बताया कि विरोध प्रदर्शन को देखते हुये एहतियातन आपराधिक दंड संहिता की धारा 144 के तहत नौहट्टा, एम आर गंज, रैनवाड़ी, खन्यार तथा सफाकदल थाना क्षेत्र में प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिये गए हैं।

दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में कल सुरक्षा बलों के साथ एक मुठभेड़ में बशीर लश्करी सहित लश्कर ए तैयबा के 2 आतंकवादी मारे गए थे। मई महीने में 1 थाना प्रभारी तथा 5 अन्य पुलिस कर्मियों की जान लेने के पीछे लश्करी का हाथ था।

जिले के दियालगाम इलाके के ब्रेन्ती बटपोरा गांव में एक अभियान के दौरान एक महिला सहित दो नागरिक भी मारे गए थे। नागरिकों के मारे जाने की निंदा करते हुए अलगाववादियों ने 1 दिन के बंद का आह्वान किया था।

Source

एक संयुक्त बयान में र्हुियत कॉन्फ्रेंस के दोनों गुटों के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक तथा जेकेएलएफ के अध्यक्ष यासिन मलिक ने लोगों से एक दिन पूरी तरह बंद रखने का आह्वान किया था।

अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में दुकानें, पेट्रोल पंप और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद हैं जबकि सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन के वाहन भी नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दुकानदारों ने साप्ताहिक बाजार में अपनी दुकानें लगाई हैं। अधिकारियों ने बताया कि घाटी में अलग अलग जिला मुख्यालयों से भी हड़ताल की ऐसी ही खबरें आई हैं।

वही कश्मीर व्यापारी एवं निर्माता संघ (KTMF) ने राज्य में प्रस्तावित GST के लागू होने के खिलाफ हड़ताल का आह्वान किया है। KTMF ने कहा कि GST के जम्मू-कश्मीर में लागू होने से राज्य की वित्तीय और राजनीतिक स्वायत्तता खतरे में पड़ जाएगी।