लक्ष्य से अधिक राजस्व प्राप्ति की रणनीति बने


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रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज वाणिज्यकर, उत्पाद, परिवहन, निबंधन एवं भू-राजस्व विभाग को निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व की प्राप्ति के लिए रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया। श्री दास ने यहां वाणिज्यकर, उत्पाद, परिवहन, निबंधन एवं भू-राजस्व के राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य और उसकी प्राप्ति के लिए विभागों द्वारा तय की गई कार्य योजना और रणनीति की व्यापक समीक्षा करते हुये यह स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व की प्राप्ति होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा, ‘आपकी समस्याओं को हम दूर करेंगे लेकिन आप राजस्व प्राप्ति के लिये पूरे मन से जुट जाएं। प्रत्येक स्तर पर रणनीति, बैकअप प्लान बनाने के साथ ही कहां-कहां समस्याएं आ सकती हैं- उसे अभी से रेखांकित किया जाये।’ उन्होंने कहा कि वाणिज्यकर 16050 करोड़ रुपये, उत्पाद 1000 करोड़ रुपये, परिवहन 1100 करोड़ रुपये तथा निबंधन 700 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य से आगे जाकर अपनी उपलब्धि को हासिल करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संग्रहण में खुले मन से प्रभावकारी रणनीति तैयार की जानी चाहिए। पिछले वर्ष की उपलब्धियों तथा सीमित संसाधन को ध्यान में रखा जाये। उन्होंने कहा कि जहां लीकेज है, गड़बड़ की शिकायत है वहां कार्रवाई की जाये। साथ ही बिलिंग, स्टॉक क्रय-विक्रय में सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावकारी इस्तेमाल किया जाये।

श्री दास ने पेशेवर एवं उच्चस्तरीय अनुभवी एजेंसी को टैक्स प्रोजेक्सन बेस का आकलन का कार्य दिये जाने पर विशेष बल देते हुये कहा कि प्रत्येक व्यवसाय में राजस्व प्राप्ति की कितनी क्षमता है ताकि हम अपने लक्ष्य को वास्तविक बना सकें। उन्होंने अन्य राज्यों की प्रणाली का भी अध्ययन करने का निर्देश देते हुये कहा कि एक क्षेत्र या नगर विशेष के लोगों के उपभोग का आकलन कर यह जाना जा सकता है कि कुल कितना क्रय-विक्रय हो रहा है और कितना राजस्व आना चाहिए। इससे भविष्य में राज्य की आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन को प्रभावकारी बनाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने मानव क्षमता बढ़ने, नीतिगत फैसले लेने और अवैध कारोबार पर कारगर प्रहार करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपस में समन्वय रखते हुए जानकारी साझा करें इससे बेहतर परिणाम मिलेंगे। बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव के.के.खण्डेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ.सुनील कुमार वर्णवाल, उत्पाद एवं परिवहन सचिव राहुल शर्मा, उत्पाद आयुक्त भोर सिंह यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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