राज्यपाल ने संविधान की बजाय ‘भाजपा के अपने मालिकों’ की सेवा को चुना : कांग्रेस 


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नयी दिल्ली : कर्नाटक में बी एस येदियुरप्पा को सरकार गठन का न्योता मिलने के बाद कांग्रेस ने आज आरोप लगाया कि राज्यपाल वजुभाई वाला ने संविधान की बजाय ‘भाजपा में अपने मालिकों’ की सेवा चुनी और ‘भाजपा की कठपुतली’ के तौर पर काम किया। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ”वजुभाई वाला ने राज भवन की गरिमा धूमिल की, संविधान और नियमों की अवहेलना की तथा भाजपा की कठपुतली के तौर पर काम किया।” उन्होंने कहा, ”राज्यपाल ने संविधान की बजाय ‘भाजपा में अपने मालिकों’ (मास्टर्स इन बीजेपी) की सेवा चुनी। ” सुरजेवाला ने कहा, ”कर्नाटक भाजपा ने (न्यौते के बारे में) पहले से सूचना दे दी। जब आदेश भाजपा मुख्यालय से आते हों तो फिर राज्यपाल पद की गरिमा का क्या होगा।

दरअसल, राज्यपाल ने येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्यौता देने के साथ ही विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा , ”राज्यपाल ने येदियुरप्पा को बहुमत जुगाड़ने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। 15 दिन का समय 104 को 111 में बदलने के लिए दिया गया है। इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा था कि अगर राज्यपाल इस गठबंधन को न्योता नहीं देते हैं तो फिर राष्ट्रपति या न्यायालय के पास जाने का विकल्प खुला हुआ है। गौरतलब है कि राज्य में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में प्रदेश की 224 सदस्यीय विधानसभा में 222 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस+ को 38 सीटें मिली हैं। फिलहाल, बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 112 है।

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