अहमदाबाद: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) छोड़ने के एक दिन बाद रविवार को प्रवीण तोगड़िया ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2002 के गुजरात दंगों के ठीक बाद नरेंद्र मोदी से उनका ‘मोहभंग’ शुरू हुआ। आगामी मंगलवार से अनिश्चितकालीन अनशन करने जा रहे तोगड़िया ने कहा, ‘मैं अब विहिप में नहीं हूं। मैं हिंदुओं के कल्याण के लिए काम करता रहूंगा। हिंदुओं की लंबित मांगों के लिए मंगलवार से मैं अहमदाबाद में अनिश्चितकालीन अनशन करूंगा।’

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल वीएस कोकजे ने तोगड़िया के उम्मीदवार राघव रेड्डी को हरा दिया। तोगड़िया ने अपने अनशन के लिए योजनाओं को अंतिम रूप देने के लिए आज गुजरात में विहिप पदाधिकारियों से मुलाकात की।

उन्होंने कहा, ‘मेरा इस सरकार के साथ चार वर्षों में मोहभंग हो गया। वास्तव में मोहभंग की शुरुआत गुजरात में 2002 के घटनाक्रमों के बाद हुई थी।’ तोगड़िया ने दावा किया कि गोधरा हिंसा के बाद हुए दंगों के दौरान पुलिस की गोलीबारी में बहुत सारे हिंदू मारे गए। उन्होंने कहा कि वह समझ नहीं सके कि जब ‘नरेंद्र भाई’ (नरेंद्र मोदी) मुख्यमंत्री थे तब ये कैसे हुआ।

पूर्व विहिप नेता ने कहा, ‘हजारों हिंदुओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए और उनको जेलों में डाल दिया गया।’ तोगड़िया ने कहा, ‘2014 के लोकसभा चुनाव में विहिप ने नरेंद्र भाई को पूरा समर्थन दिया। परंतु उन्होंने गोरक्षकों को गूंडा करार दिया। उनके इस बयान के बाद झारखंड में 11 गोरक्षकों को उम्रकैद की सजा दी गई. ऐसा तो कांग्रेस की सरकार के समय भी नहीं हुआ था।’

उन्होंने कहा, ‘सरकार ने कश्मीर में पाकिस्तान समर्थकों और पथराव करने वालों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिये। मैं स्तबध रह गया कि इस सरकार ने पाकिस्तान समर्थकों की सहायता की है।’ उधर, यह पूछे जाने पर कि क्या विहिप की गुजरात इकाई तोगड़िया के अनशन का समर्थन करेगी तो गुजरात विहिप के प्रमुख रणछोड़ भारवाड़ ने कोई जवाब नहीं दिया और सिर्फ यह कहा कि वह अस्पताल में हैं और कोई बयान नहीं दे सकते।

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