जल्द ही हिंदुओं के चिता जलाने पर भी लग सकती है रोक : त्रिपुरा राज्यपाल


दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। भाजपा के नेता रह चुके राज्यपाल ने दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी पर रोक पर और दही हांडी के विषय पर हिंदी में ट्वीट किया। दही हांडी का मुद्दा भी कोर्ट में आया था।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कभी दही हांडी, आज पटाखा, कल हो सकता है प्रदूषण का हवाला लेकर मोमबत्ती और पुरस्कार वापसी गैंग हिंदुओं की चिता जलाने पर भी याचिका डाल दे।’’ शीर्ष कोर्ट ने सोमवार को कहा था कि दिल्ली और एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक होगी।

आपको बता दे कि इससे पहले लेखक चेतन भगत भी फैसले पर सवाल उठा चुके हैं. चेतन भगत ने लिखा, ”केवल हिंदू पर्वो पर प्रतिबंध लगाने का साहस क्यों? क्या बकरे की कुर्बानी, मुहर्रम पर बहाए जाने वाले खून पर भी प्रतिबंध लगेगा?’’ उन्होंने आगे कहा कि पटाखों के बिना दिवाली वैसी ही है जैसा क्रिसमस ट्री के बिना क्रिसमस और बकरे की कुर्बानी के बिना बकरीद ।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर बैन लगा दिया है. कोर्ट ने अपने अहम फैसले में आदेश दिया है कि 1 नवंबर 2017 तक दिल्ली-एनसीआर में पटाखे नहीं बिकेंगे. कोर्ट ने कहा कि 12 सितंबर का पुराना आदेश 1 नवंबर से लागू होगा. कोर्ट ने कहा कि 1 नवंबर के बाद कुछ शर्तों के साथ दिल्ली-एनसीआर में पटाखे बेचे जा सकेंगे।

इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली-एनसीआर में पटाखे चलाने पर कोई बैन नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पटाखों की बिक्री 1 नवंबर, 2017 से दोबारा शुरू हो सकेगी. इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट देखना चाहता है कि पटाखों के कारण प्रदूषण पर कितना असर पड़ता है।