मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाहर का मैदान कुश्ती का अखाडा बन गया। जहां महिलाएं व पुरुष दोनों शामिल थे। और इस मैदान में हारने या जितने की लड़ाई नहीं थी बल्कि इस लड़ाई का कारण मंदिर में फूल बेचने का था। इस घटना का वीडिओ भी खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह दो गट आपस में रक दूसरे की जान लेने पर तुले है। एक दूसरे को बुरी तरह मार रहे है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

वीडियो में पहले दो युवक आपस में किसी बात को लेकर मारपीट करते दिख रहे हैं। वहीं, दो महिलाओं के बीच भी आपस में जमकर गुत्थमगुत्थी हुई। दोनों महिलाएं एक-दूसरे को मारते-पीटते हुए बाल तक खींचने लगी। इसके बाद एक युवक ने महिलाओं को भी रॉड से पीटना शुरू कर दिया। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जूते-चप्पल बरसाते भी नजर आए। उसी वक़्त वह मौजूद किसी शख्श ने वीडियो बना लिया। 47 सेकेंड के इस वीडियो में रॉड, पाइप, लात-घूंसे, जूते-चप्पल की बारिश हो रही है।

नहीं पता कहा से क्या आकर लगे। इस लड़ाई में महिला हो या पुरुष सभी को डंडे व लातों से मारा जा रहा है। हैरानी की बात तो ये है की इतनी बड़ी घटना का बाद भी पुलिस को इस बात की जरा-सी भी भनक नहीं लगी। घटना के करीब एक घंटे बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया, लेकिन गिरफ्तारी किसी की भी नहीं की गई। खतरनाक तरीके से हुई मारपीट की इस घटना ने महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगा दिए हैं।

मंदिर प्रशासन का दावा है कि महाकाल मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता है और मंदिर परिसर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर होती है। बताया जाता है कि महाकाल मंदिर में चार स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है। यहां स्थानीय पुलिस चौकी के अलावा थाना पुलिस, विशेष सशस्त्र बल, होमगार्ड्स और महाकाल मंदिर की प्रायवेट सिक्योरिटी भी है। हैरान की बात ये है कि इतनी टाइट सिक्योरिटी के बावजूद वहां ऐसी घटना कैसे हो गई।

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