उच्च न्यायालय ने दिल्ली मेट्रो किराये में बढ़तरी के निर्णय को खारिज से किया इंकार


Court

नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली मेट्रो के किराये में सौ फीसदी तक बढ़तरी करने के निर्णय में हस्तक्षेप करने से आज इंकार कर दिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी। हरिशंकर की पीठ ने टिप्पणी की कि यह नीतिगत निर्णय है और अदालत इसमें दखल नहीं देना चाहेगी।

पीठ ने कहा, हम इस निर्णय (दिल्ली मेट्रो रेल निगम) में दखल नहीं देना चाहते। ना ही इसमें पड़ने का हमारा अधिकार है। इसने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने अधिकारियों से संपर्क नहीं किया। कानून के दूसरे वर्ष के छात्र आमेर वैद्य ने अदालत का दरवाजा खटखटाकर दिल्ली मेट्रो रेल की किराया निर्धारण समिति (एफएफसी) की अनुशंसाओं को चुनौती दी थी, जिसने सौ फीसदी किराया बढ़तरी की अनुशंसा की।