यूएस रिपोर्ट : इराक, अफगानिस्तान के बाद भारत आतंकियों का तीसरा बड़ा टारगेट


नई दिल्ली. पिछले साल 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा को ऐतिहासिक फैसला बताते हुए मोदी सरकार ने दावा किया था कि उनका यह फैसला आतंकवाद और नक्सलवाद की कमर तोड़ कर रख देगा। हालांकि आंकड़ों ने मोदी सरकार के इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिका की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईराक और अफगानिस्तान के बाद भारत आतंकियों का तीसरा सबसे बड़ा टारगेट देश है। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने आंतकवाद से प्रभावित देशों की सूची में पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया है. यूएस स्टेट डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के अनुसार 2016 में भारत में ईराक और अफगानिस्तान के बाद सबसे ज्यादा आतंकी हमले हुए।

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खास बात यह है कि इस रिपोर्ट में इस्लामिक स्टेट और तालीबान के बाद नक्सलियों को तीसरा सबसे खतरनाक आतंकी संगठन बताया गया है। यानी इसे बोको हराम, लश्कर ए तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन और जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से ज्यादा खतरनाक बताया गया है। साल 2016 में भारत में हुए 927 हमलों में से 336 को सीपीआई (माओइस्ट) ने अंजाम दिया. इन हमलों में 174 लोगों की मौत हुई और 141 लोग घायल हुए थे।
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इस रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 में पुरी दुनिया में 11 हजार से ज्यादा आतंकी हमले हुए, जिनमें से 927 भारत में हुए। इन हमलों में 337 लोगों की मौत हुई वहीं 636 लोग घायल हए। साल 2015 की तुलना में भारत 2016 में आतंकी हमलों 16 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि 2015 की तुलना में 2016 में पाकिस्तान में आतंकी हमलों में 27 प्रतिशत की गिरावट आई है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पिछले साल हुए आतंकी हमलों में आधे से ज्यादा जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, मणिपुर और झारखंड में हुए. जम्मू-कश्मीर पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से ग्रस्त है, वहीं छत्तीसगढ़ और झारखंड माओवाद से प्रभावित राज्य हैं. यूएस रिपोर्ट के अनुसार कश्मीर में आतंकी हमलों में 2015 की तुलना में 93 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।