चीन ने दावा किया है कि अमेरिका के दो युद्धक जहाजों को दक्षिण चीन सागर के विवादित समुद्री क्षेत्र में देखा गया है। इस समुद्री क्षेत्र पर चीन अपना दावा जताता रहा है और ताइवान के साथ उसका विवाद रहा है। चीन ने रविवार को इस क्षेत्र में दो अमेरिकी युद्धक जहाजों को देखे जाने का दावा किया। अमेरिका का यह कदम चीन को भड़काने का काम कर सकता है, जिससे वह उत्तर कोरिया मसले पर सहयोग की मांग कर रहा है। अमेरिका का यह ऑपरेशन पेइचिंग के उन प्रयासों का जवाब माना जा रहा है, जिसके तहत वह इस रणनीतिक जल क्षेत्र में जहाजों के संचालन को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है।

चीन ने दावा किया है कि इस इलाके में दो अमेरिकी वॉरशिप देखे गए हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका का यह कदम बीजिंग के उन कोशिशों का जवाब है जिसके अंतर्गत वो इस इलाके में जहाजों के ऑपरेशन को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इस ऑपरेशन की योजना महीनों पहले बनाई गई थी और इसी तरह के ऑपरेशन नियमित हो गए हैं। यह ऑपरेशन ऐसे मौके पर किया गया है जब अमेरिकी नौसेना की ओर से किए जाने वाले अभ्यास में चीन को शामिल नहीं किया गया था।

एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम प्रकाशित ना करने की शर्त पर बताया कि हिगिन्स गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और गाइडेड मिसाइल क्रूजर, पार्सल्स आइलैंड से 12 नॉटिकल मील की दूरी पर थे। अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी सैन्य जहाजों ने पार्सल्स में ट्री, लिंकन, ट्रिटन और वुडी द्वीपों के पास ऑपरेशन किए। ट्रंप की ओर से नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ सम्मेलन को रद्द करने से दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार विवाद के बीच अमेरिकी-चीन संबंधों पर और तनाव बढ़ा है। इस ऑपरेशन के आलोचकों का कहना है कि इसका बहुत ज्यादा महत्व नहीं है, क्योंकि यह प्रतीकात्मक ज्यादा है। अमेरिकी सेना की मौजूदगी दुनिया भर में कई जगह है। उसके कई ऐसे ऑपरेशन चलते रहते हैं।

 

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