राम मंदिर के लिए एक और बलिदान की पड़ सकती है जरूरत, हिंदू रहें तैयार : कटियार


vinay katiyar

राम मंदिर आंदोलन के फायर ब्रांड नेता रहे सांसद विनय कटियार ने कहा है कि अयोध्या में स्थित विवादित राम जन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण के लिए एक और बलिदान की आवश्यकता है। इसके लिए हिन्दुओं को तैयार रहना पड़ेगा। कटियार ने नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर नया घाट स्थित तुलसी उद्यान पर रामकोट की परिक्रमा के बाद एक सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एक बलिदान की और आवश्यकता है। यह बलिदान कैसा होगा आने वाला समय बतायेगा।

उन्होंने कहा कि अब बलिदान के बाद ही राम मंदिर निर्माण की शुरुआत हो पायेगी। मुलायम सिंह यादव सरकार में भी कार सेवकों ने बलिदान दिया था तब जाकर विवादित ढांचा गिरा था, इसलिए भगवान राम भी चाहते हैं कि एक बलिदान और हो इसके लिए समस्त हिन्दू एकजुट होकर तैयार रहें।

उन्होंने कहा कि देश में हिन्दुओं के बहुत से धार्मिक स्थलों को मुगलों ने तोड़ थे और हिन्दुओं को मुगलों ने अपमानित भी किया था। हिन्दुओं को अब संकल्प लेना चाहिए कि जब तक मंदिर निर्माण का कार्य न शुरू हो जाए तब तक हमें संकल्पित रहना होगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में मस्जिद की कोई कमी नहीं है। यहां तक कि विवादित परिसर राम जन्मभूमि के इर्द-गिर्द भी बहुत सी मस्जिदें हैं फिर भी मुसलमान भाई हमारे राम जन्मभूमि पर मस्जिद के लिए अड़े हुए हैं। यह मुसलमानों की महाजिद है। हम लोगों को मुसलमानों की महाजिद को समाप्त करने के लिए एकजुट होना पड़गा।

कटियार ने कहा कि 2019-20 में विवादित राम जन्मभूमि पर विराजमान रामलला का मंदिर निर्माण शुरू हो जायेगा। इसके लिए तैयारी हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का मंदिर मसले से कुछ भी लेना देना नहीं है वह भी समझौते के लिए नया-नया फार्मूला लेकर आ रहे हैं लेकिन उसमें सफल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अयोध्या में विवादित ढांचे पर आंदोलन के जरिए ही भव्य मंदिर का निर्माण हो पायेगा।

राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष एवं मणिराम दास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी एवं विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल के सदस्य महंत कमल नयन दास शास्त्री ने कहा कि अयोध्या में विवादित राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण का समय आ चुका है। हिन्दू समाज आंदोलन के लिए तैयार रहे। बहुत जल्द मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार के पास कानून बनाने का प्रस्ताव भी संत-धर्माचार्यों द्वारा दिया जाएगा। इस अवसर पर सैंकड़ों की संख्या में साधु संत मौजूद थे।

हमारी मुख्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें।