अधिकारियों ने दूर की जीएसटी से जुड़ी शंकाएं


कानपुर: यहां विभागीय अधिकारियों द्वारा व्यापारियों और उद्यमियों की जीएसटी से जुड़ी सारी शंकायें दूर कर उनको हर तरह से संतुष्ट किया गया। इसके लिए दादानगर कोऑपरेटिव इस्टेट में जीएसटी पर हुई गोष्ठी में वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने उद्यमियों से कहा कि वे जीएसटी से घबराये नहीं, बल्कि इ्से स्वीकार करें। इसकी सही जानकारी हासिल करें। उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याओं के खिलाफ अरसे से सफल संघर्ष करने वाले दादानगर कोऑपरेटिव इंडस्ट्रियल इस्टेट के चेयरमैन विजय कपूर की अगुवाई वाली लम्बी चली गोष्ठी में वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर विशाल पुण्डीर ने जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन से लेकर बिक्री, बिलिंग, टैक्स अदायगी, रिटर्न जमा करने क्रेडिट इनपुट व स्टाक क्लियरेंस आदि प्राविधानों को बारीकी से बताया।

जीएसटी पर 20 लाख से ज्यादा की सलाना बिक्री पर रजिस्ट्रेशन कराने को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में कारोबार करने की दशा पर एक ही पैन नम्बर पर अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उन्होंने बताया कि जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड उद्यमियों को प्रतिमाह रिटर्न के साथ ही जीएसटीआर-1 के बाद जीएसटीआर-2 व 3 भी दाखिल करने होंगे,जिसके बाद ही अगले माह का रिटर्न दाखिल हो पायेगा। दादानगर कोऑपरेटिव इंडस्ट्रियल इस्टेट के चेयरमैन विजय कपूर की अध्यक्षता में सफल हुई इस गोष्ठी में वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर अमित पाठक ने बताया कि 1 जुलाई से लागू किये जा रहे जीएसटी के तहत सभी पंजीकृत उद्यमियों के लिए आज 30 जून को स्टाक में बचे सामानों की घोषणा करनी होगी, जिसे वह अगले छह माह के दौरान बेच सकेंगे।

स्टाक की डिटेल के साथ व्यापार कर विभाग में आवेदन करने को भी आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत उद्यमियों द्वारा दाखिल किये जाने वाले रिटर्न के डिटेल में गलती हो जाने पर उसे सुधारा जा सकता है। इसके लिए सुधार आवेदन 15 दिन के अंदर ऑनलाइन दाखिल करना होगा। कोई बात छूट जाने पर उसे निर्धारित तारीख के बाद भी भरा जा सकता है। जबकि वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर शैलेंद्र वाष्णेय ने कहा कि जीएसटी में राज्य का भी हिस्सा होगा। प्रदेश के अंदर खरीद-बिक्री पर जीएसटी के दो भाग होंगे। एक स्टेट जीएसटी व दूसरा सेंट्रल जीएसटी।

इस तरह राज्य व केंद्र के बीच जीएसटी आधा-आधा बंट जाएगा। गोष्ठी में उन्होंने बताया कि प्रदेश से दूसरे प्रांत में बिक्री की स्थिति में आईजीएसटी लगेगा, जिसमें राज्य का हिस्सा केंद्र द्वारा बाद में राज्य को स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वाणिज्य कर कार्यालय में सुबह 8 से रात्रि 8 बजे तक एक अधिकारी हेल्प डेस्क पर हमेशा उपलब्ध रहता है। किसी भी प्रकार की शंकाओं का वहां पर समाधान हो जायेगा। इस मौके दादानगर को ऑपरेटिव इंडस्ट्रियल इस्टेट के चेयरमैन विजय कपूर, शैलेंद्र सेठी, अमित टुटेजा, संदीप मल्होत्रा, एएस कोतवाल, हरीश इसरानी, बलराम नरूला, प्रवीन पुरी, आरपी सिंह, अशोक श्रीवास्तव, गुलशन कपूर, सतेंद्र मोहन धींगरा और गोपाल सदाना आदि उद्यमी मौजूद रहे।