CM के आदेश के बावजूद सड़कें नहीं हो सकीं गड्ढामुक्त


उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने आज राज्य की सत्ता में आने के 100 दिन के अंदर सूबे की करीब 63 प्रतिशत सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का दावा करते हुए अपनी पीठ थपथपायी। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा परदेश में कुल एक लाख 21 हजार 34 किलोमीटर सड़कें गड्ढायुक्त थी, जिनमें से 76 हजार 356 किलोकमीटर यानी 63 प्रतिशत सड़कें गड्ढों से मुक्त हो चुकी हैं। यह अपने-आप में एक रिकार्ड है।

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मालूम हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून तक प्रदेश की सभी सड़कें गड्ढामुक्त करने के आदेश दिये थे, मगर ऐसा नहीं हो सका। इसके लिये कुछ तकनीकी कारणों को जिम्मेदार बताया जा रहा है। मौर्य ने कहा कि जिन विभागों और योजनाओं की सड़कों को गड्ढामुक्त करने में सबसे ज्यादा सफलता मिली उनमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना र्96 प्रतिशती, लोक निर्माण विभाग द्वारा 82 फीसदी और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा 81 प्रतिशती और भारतीय राज्यमार्ग द्वारा 74 फीसदी शामिल हैं। सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों में सिंचाई विभाग र्शून्य प्रतिशती तथा पंचायती राज विभाग र्नौ फीसदी शामिल हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद प्रदेश की सभी सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो पाई हैं।

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इसके पीछे नयी खनन नीति तथा कुछ तकनीकी अड़चनें बतायी जा रही है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने में कम से कम दो महीने और लगेंगे। देश में सड़कों की खराब हालत के लिये प्रदेश की पूर्ववर्ती सपा और बसपा सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए उपमुख्यमंत्री मौर्य ने आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में उथर प्रदेश 30 साल पिछड़ गया। राजनीतिक संकीर्णता की वजह से प्रदेश में केन्द, की अनेक योजनाएं बंद कर दी गयीं। अनेक राज्यमार्गों को राष्टऊीय राजमार्गों में तब्दील किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस द्वारा अलीगढ़ में आज किसान पंचायत आयोजित किये जाने पर तंज करते हुए मौर्य ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पैतृक देशी में पंचायत करेंगे।

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बहरहाल, 15 जून तक सभी सड़कें गड्ढामुक्त ना हो पाने को लेकर विपक्षी दलों को सरकार पर हमले का मौका मिल गया है। कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह ने कहा कि प्रदेश की जनता को अब यह लगने लगा है कि इस सरकार ने उसके साथ छल किया है। राज्य के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दरअसल सांसद हैं और वे अपने लिये एक विधानसभा क्षेत्र भी नहीं चुन सकते। ऐसे में गड्ढामुक्त सड़कें बनाने की बात करना फुजूल है। सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा ने कहा हम सरकार के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। सपा की आलोचना करने के बजाय योगी सरकार को पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार के कार्यकाल में सड़कों के मूलभूत ढांचा क्षेत्र में आये भारी-भरकम निवेश को देखना चाहिये।