चारागाह की सुरक्षा खाई बनाने में खुद ही जुटे डीएम


झांसी: जनपद में आईजी एफआरआई के सहयोग से चारागाहों को विकसित किये जाने की योजना है। जिले के तीन विकास खंडों में चारागाह को विकसित किया जा रहा है। विकास खंड बड़ागांब में बचावली बुजुर्ग, विकास खंड बबीना में पलीदा तथा विकास खंड बंगरा में पठाकरका चारागाह को चुना गया है। सोमवार को जिलाधिकारी ने टीम के साथ विकास खंड बड़ा गांव के बचावली बुजुर्ग चारागाह पहुंचे वहां पर हो रहे कार्यो का निरीक्षण किया। चारागाह में मनरेगा अंतर्गत कार्यों के माध्यम से विकसित और सुरक्षित किया जा रहा है। यहां पर जिलाधिकारी ने स्वयं श्रमदान कर चारागाह की सुरक्षा खाई को बनाने के लिए कार्य किया। अन्य को भी श्रमदान करने की सलाह दी।

बताया जाता है कि यह चारागाह 5.7 हेक्टेयर का है जो मनरेगा के माध्यम से तैयार किया जा रहा है। चारागाह में ग्रासलैड के माधअयम से अन्ना पशुओं के लिए चारा उत्पादन का कार्य किया जाएगा। जिससे किसानों की फसलों को पशु नुकसान नहीं पहुंचा सकें। मौके पर ग्रासलैंड के वैज्ञानिक डा.आरबी कुमार, डा.एचवी सिंह तथा डा.सुनील कुमार,सुरक्षा कार्य तैयार करने के लिए तकनीकी जानकारी दी। ताकि जो घास का उत्पादन किया जा रहा है वह सुरक्षित रहे। मुख्य पशु चिकित्सक डा.वाईएस तोमर ने कृषकों को चारागाह में घास उत्पादन की जानकारी दी। खेती के साथ पशु पालन का भी सुझाव दिया। इस अवसर पर एसडीएम सदर पुनम निगम, डीसी मनरेगा आरके लोधी, खंड विकास अधिकारी बड़ागांव आदि मौजूद रहे।

– एम.वसीम