पेड़ के नीचे दबकर वृद्ध की मौत


कानपुर: लगातार जारी बारिश से मौतों का सिलसिला भी शुरु हो गया है। जिसके चलते गोल चौराहा स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर के अन्दर संक्रामक रोग संस्थान में पेड़ गिरने से पिता की मौत हो गयी, वहीं विकलांग बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज परिसर के अन्दर आई.डी.एच. कैम्पस निवासी राम श्री (70) हैलट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से रिटार्यड थे। परिवार में दो बेटे सुरेश, जगदीश व बेटी शरदा रहती थी। सुरेश मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल में काम करता है।

जगदीश पैरों से विकलांग है और घर में ही रहता है। मंगलवार रात तेज आंधी पानी के दौरान कैम्पस में लगा सेभल का पेड़ गिर गया। जिसकी चपेट में आने से राम श्री व जगदीश घायल हो गये। सूचना मिलते ही स्वरूप नगर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को हैलट में भर्ती करा दिया, जहां डॉक्टरों ने राम श्री को मृत घोषित कर दिया,जबकि जगदीश की हालत नाजुक बनी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसी तरह से राम बाग 80 फीट रोड पर बुधवार सुबह बारिश में जर्जर मकान की छत गिर गयी। हादसे में एक वृद्ध मलवे में दबकर घायल हो गया।

सूचना मिलते ही बजरिया पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्रीय लोगों की मदद से मलबे में दबे वृद्ध को बाहर निकाल के पास के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहीं दूसरे मकान का भी छज्जा गिर गया। हालांकि वहां किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। बताया गया कि राम बाग 80 फीट रोड निवासी राम प्रकाश उर्फ मुन्ना निगम (65) मकान के पीछे हिस्से में अकेले रहते हैं। उसी मकान में चार किरायेदार विनोद कुमार, मीना शर्मा, राम दयाल व श्री पाल भी अपने परिवार के साथ रहते हैं। बुधवार सुबह बारिश के दौरान अचानक राम प्रकाश के कमरे की छत भरभरा के गिर गयी।

इसके अलावा तेज बारिश से नालों व नालियों के साथ साथ सीवर लाइनों के भी ओवरफ्लो हो जाने के कारण भी लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। इस बारिश के प्रकोप ने देहात और नगर के दर्जनों मकान भी गिरा दिये हैं। वीआईपी रोड पर आरपीएच के सामने, साकेतनगर में किदवईनगर थाने के सामने, फजलगंज चौराहा से गोविंदपुरी पुल तक, फजलगंज में ही करतार गेस्ट हाउस के सामने की सड़क, मोतीझील गेट, गोविंदनगर चावला मार्केट चौराहा, परेड आदि अतिव्यस्त रास्तों पर भी कहीं घुटनों तो कहीं इससे भी ज्यादा पानी भर जाने से वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते दर्जनों वाहन पानी में फंसे कर बंद हुए। नालियों का यह गंदा पानी इन इलाकों में स्थित दुकानों में भर गया है। इसके चलते इन दुकानों में जमीन या नीचे की ओर रखा माल भीग कर बर्बाद हो गया।