इटावा के फिशर वन मे लगी आग


इटावा : उत्तर प्रदेश के इटावा सफारी पार्क के सामने ‘फिशर वन’ क्षेत्र में आज भीषण आग लग जाने से बडे पैमाने पर वन संपदा जलकर नष्ट हो गयी। इटावा के मुख्य अग्निशमन अधिकारी किंती वर्मा ने बताया कि फिशर वन मे आग लगने की खबर मिलने के बाद मौके पर दो दमकल गाडिय़ों को भेजकर आग पर काबू पाया गया।

उन्होने बताया कि आग की विभीषिका खुले एरिया मे होने के कारण अधिक फैल गई थी। आग से हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है, लेकिन प्रारभिंक तौर पर शीशम के एक हजार के आसपास पेडों के जल कर नष्ट होने का अनुमान है।

इटावा समाजिक वानिकी क्षेत्रीय वन अधिकारी एन एस यादव ने आज यहां बताया कि यूनिट नंबर वन शीशम वाले क्षेत्र मे अचानक आग लग गयी। इस इलाके मे अक्टूबर 2013 मे तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव के साथ आकर शीशम, कचनार, कंजी, वालमखीरा, पीपल, बरगद और पाकड के पेडों को लगाया था। उस समय यहां पर विभिन्न प्रजाति के 43 हजार 250 पेड रोपे गये थे।

उन्होंने फिशर वन मे हाईटेंशन तारों की चिंगारी या फिर किसी ने जलती बीडी आदि के प्रयोग चलते होने का अंदेशा जताया है। गौरतलब है कि यमुना के किनारे करीब 2912 एकड़ त्रमीन में फैला हुआ यह फिशर वन पिछले चार दशक से डकैतों की शरणस्थली हुआ करता था। पूरे क्षेत्र में 20 प्रजातियों के पौधे लगाए गये।

2003 में जब उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की अगुवाई वाली समाजवादी पार्टी सत्ता में आई तो उस समय इटावा समेत पूरी चंबल घाटी में कुख्यात डाकुओं का आतंक चरम पर था, ऐसे में मुलायम सिंह यादव ने डाकुओं की छाप से इटावा को मुक्त कराने के मकसद से पहले तो डाकुओं का सफ़ाया कराया उसके बाद इटावा को पर्यटन मानचित्र पर लाने की गरज से बीहड़ में लायन सफारी की स्थापना की रूपरेखा शुरू कराई।

– (वार्ता)