शौचालयों पर भगवा रंग कर, भगवान का अपमान कर रही सरकार : अखिलेश


Akhilesh Yadav

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बुनियादी मुद्दों से ध्यान हटाने में माहिर बताते हुए कटाक्ष किया है कि अब तो शौचालयों को भी भगवा रंग में रंगवाया जा रहा है। अखिलेश ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा विकास की बात तो खूब करती है, लेकिन चुनाव के ऐन मौके पर जनता का ध्यान बांट देती है। बुनियादी मुद्दो के बजाये भावनात्मक बाते करने लगती हैं। जनता का ध्यान बांटने में भाजपा का कोई मुकाबला नहीं है।

उन्होंने कहा कि बाराबंकी में जहरीली शराब से 11 लोगों की हुई मृत्यु का कारण ठंड या दूसरी वजह बताने की कोशिश हो रही है। मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की मदद कर सरकार ने पल्ला झाड़ लिया। किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गयी। मामला बड़ा है फिर भी इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। सपा अध्यक्ष ने कहा कि अब तो शौचालयों का रंग भी भगवा किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या इससे भगवान का अपमान नहीं हो रहा है। भगवा तो धार्मिक रंग माना जाता है। शौचालयों का रंग तो भगवा नहीं ही होना चाहिये।

उनका कहना था कि यह भी मूल मुद्दों से ध्यान हटाने की एक कोशिश है। भाजपा को जनता 2019 में सबक सिखायेगी। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति दस दिन पहले हो चुकी है, लेकिन नियुक्त किये गये अधिकारी ने अभी पदभार नहीं ग्रहण किया है। इतना महत्वपूर्ण पद ज्यादा दिन तक खाली नहीं रहना चाहिये। आखिर अधिकारी पदभार ग्रहण करने से क्यों बच रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपा पर जातिवादी होने के आरोपों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा से ज्यादा जातिवादी कौन पार्टी है। भाजपा तो राजनीति में धर्म का खुल्लमखुल्ला प्रयोग करती है। उनका कहना था कि राज्य में विकास काम ठप हैं। भीषण ठंड के बावजूद बच्चों को स्वेटर नहीं बंटे हैं। जो सरकार समय पर स्वेटर नहीं बांट सकती वह विकास के और काम क्या कर पायेगी।

उन्होंने कहा कि सपा संस्कृति के विकास का सदैव पक्षधर रही है। मुख्यमंत्री को अपनी कर्मभूमि गोरखपुर में सैफई से बेहतर महोत्सव कराना चाहिये। 2019 की लोकसभा चुनाव में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन का दावा करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि संगठन को हर दृष्टि से मजबूत करने का काम किया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के स्थान पर मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग पर कायम रहा जायेगा। इस अवसर पर तीन पूर्व विधायकों और एक पूर्व जिला पंचायत समेत कई लोगों ने सपा की सदस्यता ग्रहण की।

अधिक लेटेस्ट खबरों के लिए यहां क्लिक करें।