सरकारी अधिकारियों को पढ़ाया जीएसटी का पाठ


शामली: जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह की अक्ष्यक्षता में सरकारी विभागों में जीएसटी प्रणाली लागू किये जाने हेतु जनपद के समस्त आहरण वितरण अधिकारियों के प्रशिक्षण से सम्बन्धित एक कार्यशाला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गयी, जिसमें अधिकारियों को जीएसटी संबंधी जानकारी दी गई। कार्यशाला में डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि समस्त सरकारी विभागों, सरकारी एजेन्सियों एवं स्थानीय निकायों द्वारा ढाई लाख रूपये से अधिक के क्रय आदेश के विरूद्ध किये गये भुगतान पर एक प्रतिशन की दर से एसजीएसटी एवं एक प्रतिशत की दर से सीजीएसटी की कटौती किया जाना अपेक्षित है और जीएसटी में स्रोत पर कटौती की व्यवस्था धारा 51 के अन्तर्गत की गयी है, लेकिन धारा 51 को अभी लागू नही किया गया है।

उन्होंने कहा कि स्त्रोत पर कटौती करने वाले विभागों एजेंसियों एवं स्थानीय निकायों हेतु जीएसटी में टीएएन आधारित यूआईडी लेना अनिवार्य है तथा यूआईडी हेतु आवेदन जीएसटी के पोर्टल पर किया जायेगा तथा यह आवेदन पत्र उक्त पोर्टल पर 20 जुलाई 2017 से उपलब्ध हो जायेगा। डीएम ने बताया कि सरकारी विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारियों द्वारा रिटर्न प्रत्येक माह की दस तारीख तक अपलोड समय से किया जाना है तथा जीएसटी में प्रत्येक विभाग, शासकीय निकायों भुगतानकर्ता प्राधिकारियों के लिए सर्वप्रथम टीडीएस कटौती के पांच दिन के अन्दर ऑनलाइन प्रमाण पत्र सम्बन्धित संविदा की जानकारी व्यापार कर विभाग को देनी होंगी। समय पर जानकारी न देने पर 100 रूपये प्रतिदिन का लेट फीस एवं दण्ड देय होगा। इस अवसर पर मौजूद डिप्टी कमिश्नर व्यापार कर एके दोहरे ने सभी विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारियों को जीएसटी में टीडीएस के सम्बन्ध में विस्तारपूर्वक बताया एवं बताया कि यदि कोई विभाग माल/सेवा की आपूर्ति करता है तो ऐसे विभाग को जीएसटी नम्बर लेना अनिवार्य होगा तथा वे विभाग माल व सेवा की सप्लाई का बिल जारी करेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी विभाग, निर्माण ऐजेन्सी तथा नगर निकायों के आहरण वितरण अधिकारियों के लेखाकारों को जीएसटी में टैन आधारित आईडी लेना अनिवार्य होंगा। टीडीएस कटौती के लिए ढाई लाख रूपयें का एक अनुबन्ध के अन्तर्गत भुगतान पर ही 2 प्रतिशत ही टीडीएस की कटौती करेंगे तथा ढाई लाख से कम के भुगतान पर टीडीएस की कटौती नही करेंगे तथा प्रत्येक खरीद/सप्लाई के भुगतान पर टीडीएस नम्बर वाला बिल प्राप्त करने के बाद भुगतान ठेकेदार को करेंगे और बिल पर यह भी जांच ले कि जीएसटी नम्बर होना चाहिए तथा प्रत्येक बिल पर एसजीएसटी व सीजीएसटी का टैक्स चार्ज होना चाहिए। कार्यशाला में ज्वाईन कमिश्नर , व्यापार कर सहारनपुर मण्डल, एके जैन, डिप्टी कमिश्नर, पीडीगुप्ता, असिस्टेट कमिश्नर एसपी मलिक, वरिष्ठ कोषाधिकारी , एसके गौतम तथा सभी आहरण एवं वितरण अधिकारी उपस्थित थे।

– दीपक वर्मा