जीएसटी: कर प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कर प्रणाली को देश की आजादी के बाद का सबसे महत्वपूर्ण कर सुधार बताते हुए इसे एक क्रान्तिकारी कदम कहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी प्रणाली ‘एक कर, एक देश, एक बाजार’ की परिकल्पना को साकार करेगी। यह प्रणाली व्यापारियों, उद्यमियों, उपभोक्ताओं एवं आम-जन के हित में है। यह अत्यन्त सरल, पारदर्शी, उत्पीड़न मुक्त और विकासोन्मुख कर व्यवस्था है, जिससे आम व गरीब उपभोक्ताओं को लाभ होगा और व्यापारी सुगमता से व्यापार कर सकेंगे। उद्योग व व्यापार में प्रगति होगी और इंस्पेक्टर राज की समाप्ति होगी। मुख्यमंत्री ने लोक भवन में प्रदेश मंत्रिमण्डल के सदस्यों को जीएसटी कर प्रणाली से अवगत कराने के लिए आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने मंत्रिमण्डल के सदस्यों से अपेक्षा की कि वे जनपदों में जाकर व्यापारियों, चार्टर्ड एकाउण्टेण्ट्स, अधिवक्ताओं, व्यापारिक संगठनों से नियमित संवाद करें तथा गोष्ठियों, संवाद और प्रेस वार्ताओं के माध्यम से इस प्रणाली के सम्बन्ध में हो रही भ्रांतियों व गलतफहमियों को दूर करें। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए जीएसटी प्रणाली को देश की अर्थव्यवस्था के हित में बताया है। उन्होंने कहा कि देश के हित से बड़ा कोई हित नहीं है। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य होने के नाते यहां पर सबसे अधिक उपभोक्ता निवास करते हैं। इस कर प्रणाली के लागू होने से उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में राज्य सरकार द्वारा वस्तुओं एवं सेवाओं पर 8 अलग-अलग प्रकार के कर लगाए जाते हैं।

इनके अलावा, केन्द्र सरकार द्वारा भी विभिन्न कर तथा सेस लगाए जाते हैं, जिनसे उपभोक्ताओं पर करों की दोहरी मार पड़ती है और करदाता को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। साथ ही, कैस्केडिंग प्रभाव के कारण वस्तुओं की लागत मूल्य में वृद्धि होती है। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग तरह की कर प्रणाली लागू होने से देश की अर्थव्यवस्था में राज्यों के बीच विभिन्न बाधाएं आती हैं। इससे देश का आर्थिक विकास बाधित होता है व निवेशकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आगामी 01 जुलाई से लागू होने वाली जीएसटी प्रणाली देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में क्रान्तिकारी सूत्रपात करेगी। मुख्यमंत्री ने जीएसटी को पारदर्शी प्रणाली बताते हुए कहा कि इसके प्राविधान अत्यन्त सुगम बनाए गए हैं। कर की दरें तय करते समय आम उपभोक्ता एवं किसानों का पूरा ध्यान रखा गया है।

– असलम सिद्दीकी