मीट फैक्ट्रियों के संचालन में नियमों की अनदेखी


अलीगढ़: नियमो की अनदेखी करके जिला प्रशासन गैर कानूनी ढ़ग से अलीगढ़ मे मीट फैक्ट्रियॉ संचालित करा रहा है। ताजा मामला पूर्व विधायक जफर आलम के स्वामित्व वाली मीट फैक्ट्री अल हलाल का है। इस फैक्ट्री को चलाने की अनुमति वर्तमान जिलाधिकारी श्री ह्षिकेष भास्कर यशोद ने एक फरवरी 2017 को दी। इस समय उत्तर प्रदेश राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू थी तथा जिलाधिकारी ने 23 जनवरी 2017 को चुनाव आयोग के आदेश पर जिलाधिकारी का जार्च संभाला था। मात्र एक हफ्ते बाद फैक्ट्रि संचालित करने की मजूरी देना संदेह के दायरे मे है। आहूति सामाजिक संस्था के अध्यक्ष चौधरी अशोक अग्रवाल ने जिलाधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जॉच की मांग की है। आज पत्रकार वार्ता में चौधरी अशोक अग्रवाल ने अलीगढ़ की समस्त मीट फैक्ट्रियों पर नियमो की अनदेखी करके जिला प्रशासन पर काम करने का आरोप लगाया है।

उन्होने कहा कि यदि अधिकारी नियमानुसार इन फैक्ट्रियों को संचालित कराएगे तो उन्हे भ्रष्टाचार का मौका नहीं मिलेगा वह नियमो की अनदेखी करके वह फैक्ट्रियों को चला रहे है। अलीगढ़ एक बड़ा मीट हब है और यहॉ वर्तमान में आठ पशुवधशालायें है और परिणामस्वरूप अलीगढ़ मंडल में पशुधन का नितांत अभाव है, फिर भी अलीगढ़ प्रशासन द्वारा पूर्व समाजवादी विधायक की 200 भैंस- भैंसा प्रतिदिन काटने वाली पशुवधशाला अल-हलाल इंटरनेशनल प्रा0 लि0 अमरपुर कोडला अलीगढ़ को साज करके नियम विरूद्ध ट्रायल वेस पर संचालन की अनुमति दिनांक 1 फरवरी 2017 को तीन माह के लिए प्रदान कर दी गयी, फिर उसे 22 अपै्रल 2017 को 31 दिसंबर 2017 तक कि लिए पुनः बढ़ाकर 11 माह के लिए कर दिया गया, यह भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेश की जनता को यांत्रिक कत्ल खाने बंद करने की वचनबद्धता को भंग करने की साजिश प्रतीत होती है।

– विजय वार्ष्णेय