बाढ़ग्रस्त इलाकों में बढ़ी परेशानियां


देवरिया: उत्तर प्रदेश में देवरिया के रूद्रपुर बाढ़ क्षेत्र में बाढ के पानी निकलने के बाद दूषित पानी पीने को लोग मजबूर हैं। कछार विकास मंच के अध्यक्ष दिनेश राव ने आज यहां बताया कि रूद्रपुर तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव बाढ़ समाप्त होने के बाद भी गन्दा पानी अभी भी गावों के चारों ओर फैला है। सरकारी सुविधाओं का टोटका बना हुआ है। बाढ़ क्षेत्र की जनता बाढ़ का पानी निकलने के बाद भी परेशान है। इन गांवों में कभी भी संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। बाढ़ क्षेत्र प्रभावित गांव के लोग स्वच्छ जल के अभाव में दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि डढ़िया, नगवा, भेड़, बकरूआं, एकौना, बहोरदलपतिपुर, जगदीशपुर, भिरवां आदि ऐसे गांव हैं, जहां बाढ़ का पानी निकलने के बाद भी यहां की जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। बाढ़ का पानी निकलने के बाद गांवों के आसपास जमें पानी में बहुत से जानवर मृत पड़ हैं। उनके बदबू से लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। श्री राव ने बताया कि सरकारी आंकड़ में बाढ़ क्षेत्र के एक ग्राम पंचायत पर साफ सफाई के लिये सात सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन गांव के लोगों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी पूरी संख्या में नहीं आ रहे हैं जिससे सफाई के अभाव में यहां कभी भी बीमारियां फैल सकती हैं।

रूद्रपुर के उपजिलाधिकारी घनश्याम ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र की जनता की मौलिक सुविधाओं के लिये जिला प्रशासन कटिबद्ध है। बाढ़ क्षेत्र में जहां स्वच्छ पीने के पानी का अभाव है, वहां टैंकर से पानी भेजा जा रहा है। बाढ़ क्षेत्र के गांवों में लोगों की स्वास्थ्य की देखभाल के लिये स्वास्थ्य विभाग की 17 टीमें लगी हैं। कल जल निगम की टीम बाढ़ क्षेत्र के गांवों में जाकर वहां के पानी लेवल और पानी की जांच कर लोगों को स्वच्छ जल की व्यवस्था कराने का प्रयास करेगी।