श्रमिक की मौत पर परिजनों का हंगामा


गजरौला: फ्लाईओवर बनाने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी में ठेकेदार के अंडर में काम करने वाले श्रमिक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। कंपनी का स्टाफ परिजनों को सूचित किए बगैर उसे चिकित्सक के पास ले गया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। काफी देर बाद घटना की जानकारी मिलने पर यहां आए मृतक के परिजन शव देख आपा खो बैठे और उन्होंने उसकी हत्या का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान स्टाफ के साथ मारपीट कर कंपनी के डिप्टी प्रोजक्ट मैनेजर के कपड़े भी फाड़ दिए। मौके पर पहुंची पुलिस के साथ भी नोकझोंक हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। वहीं शाम को दोनों पक्षों में समझौता हो गया।

लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाइवे पर थाना क्षेत्र के गांव शहबाजपुर डोर में बगद नदी के निकट सड़क किनारे फ्लाईओवर बनाने वाली गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड भिवानी (हरियाणा) की साइट है। यहां चौपला पर बनने वाले अधूरे पड़े फ्लाईओवर के लिए काम चल रहा है। शनिवार की अपरान्ह लगभग 12 बजे यहां श्रमिक सोनू उर्फ तौकीर अहमद (22) पुत्र तौसीफ अहमद निवासी गांव शहबाजपुर डोर साथियों के साथ काम कर रहा था। बताते हैं कि अचानक करेंट की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। जानकारी होने पर कंपनी के सुपरवनाइजर, स्टाफ और लेबर में हड़कंप मच गया। बताते हैं कि उसे निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया। उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद कंपनी के लोग शव को वापस ले आए और परिसर में ही एक कमरे में रख दिया। इसके बाद मृतक के परिजनों को सूचित किया गया। जानकारी होने पर मृतक के माता-पिता, रिश्तेदार और ग्रामीण वहां आ पहुंचे। बेटे का शव देख उन्होंने बिलखना शुरू कर दिया। मृतक की शर्ट के बटन खुले हुए थे और उसके दोनों हाथों के पंजे झुलसे हुए थे। इसी दौरान पता चला कि शर्ट के बटन दूसरे कमरे में पड़े हैं।

इस पर परिजनों ने उसकी हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच किसी ने 100 नंबर पर फोन कर दिया। कुछ देर बाद 100 नंबर की गाड़ी और थाना पुलिस भी वहां आ गई। मृतक के परिजन वहां काम करने वाले उमाकांत ठाकुर, विष्णु ठाकुर, अमित कुमार, स्टोर इंचार्ज सुरेश कुमार, सुपरवाइजर सत्यनारायण शर्मा आदि पर सोनू की हत्या करने का आरोप लगा रहे थे। इनका कहना था कि बेटे की मौत होने पर तत्काल उन्हें सूचित क्यों नहीं किया गया। उन्होंने उसे गुपचुप ढंग से चिकित्सक के पास ले जाने का भी आरोप लगाया। पुलिस ने उन्हें समझाना भी चाहा लेकिन गुस्साए परिजनों की पुलिस से भी नोकझोंक हुई।

परिजन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पांच लाख का मुआवजा देने की जिद पर अड़े रहे। घटना की जानकारी होने पर प्रभारी निरीक्षक अशोक सोलंकी भी वहां जा पहुंचे। पुलिस ने काफी जद्दोजहद के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। देर शाम थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक सोलंकी ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। मृतक के परिजनों ने लिखकर दे दिया है कि हादसा इत्तेफाकिया था।