लखनऊ मेट्रो की सुरक्षा का खाका तैयार


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लखनऊ: लखनऊ मेट्रो की सेफ्टी का जिम्मा उत्तर प्रदेश पुलिस और निजी सुरक्षा एजेंसी के हाथों होगी। निजी सुरक्षा एजेंसी के लिए लखनऊ मेट्रो और जीफोरएस के बीच एग्रीमेंट हुआ है। आठ मेट्रो स्टेशनों पर 302 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। इनमें 170 पीएसी जवान और 132 निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मी रहेंगे। लखनऊ मेट्रो और जीफोरएस के बीच एग्रीमेंट हुआ है। डिपो में बने पुलिस कंट्रोल रूम से प्रायोरिटी फेज के आठों स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग की जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से चारबाग मेट्रो स्टेशन पर सबसे ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आने वाले समय में नार्थ-साउथ कॉरिडोर का ये सबसे बड़ा मेट्रो स्टेशन होगा।

यहां 65 कैमरे लगाए हैं जब्कि अन्य मेट्रो स्टेशनों पर 45 से 50 सीसीटीवी कैमरा लगे हैं। पीएसी में महिला सिपाही न होने के कारण निजी सुरक्षा एजेंसी महिला सुरक्षाकर्मी तैनात करेगी। हर स्टेशन पर दो महिला सुरक्षाकर्मी लगायी जाएंगी। हर स्टेशन पर एक शिफ्ट में सात पीएसी कर्मी और छह निजी सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे। मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था का मॉडल हाइब्रिड मॉडल के आधार पर होगा। ये मॉडल अभी चेन्नई में इस्तेमाल किया जाता है। इसके अनुसार क्विक रिस्पांस टीम, बम स्क्वायड, डॉग स्क्वाड और कानून व्यवस्था के लिए यूपी पुलिस को जिम्मेदारी दी गयी है।