एनजीटी के आदेश पर ई-कचरा डालने पर पाबंदी के लिए कमेटी बनी


मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में रामगंगा नदी किनारे और रिहायशी इलाकों में इलेक्ट्रॉनिक कचरे को जलाने को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण(एनजीटी)के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने समिति गठित कर कार्रवाई शुरु कर दी। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि गत मंगलवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का आदेश मिलने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों ने दूसरे दिन बैठक में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के वैज्ञानिक आधार पर निस्तारण के सबंध में गहनता से विचार विमर्श किया।

जिलाधिकारी ने बताया कि रामगंगा किनारे और रिहायशी इलाकों में ई-कचरे का गैर तरी़के से निस्तारण करने वाली अवैध औद्योगिक इकाइयों को चिन्हित कर कडी कार्रवाई करने तथा जुर्माना लगाये जायेंगे। इसके लिए सबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, सिचाई विभाग, जल निगम तथा वैज्ञानिक आधार पर जानकारों की एक टीम का गठन किया गया है।

यह टीम एनजीटी के आदेशानुसार शीघ्रातिशीघ, कार्रवाई अमल में लाएगी। गौरतलब हो कि जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा जारी किए गए मंगलवार को आदेश में कहा था कि रामगंगा के तटवर्तीय क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक कचरा फेंकने वालों पर सख्ती के साथ एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जाए।

इससे पूर्व उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(यूपीसीबी)ने एनजीटी मे दाखिल की गई संयुक्त जांच रिपोर्ट में कहा था कि कि बडे पैमाने पर अवैध इकाइयां बगैर अनुमति घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में संचालित की जा रही हैं। रामगंगा के दोनों तटों के सहारे इन औद्योगिक इकाइयों का इलेक्ट्रॉनिक कचरा डाला जा रहा है। एनजीटी की प्रधान पीठ ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कहा कि वे इन सभी अवैध औद्योगिक इकाइयों को बंद कराने के लिए उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का पूरा सहयोग करें।

– (वार्ता)