विपक्ष का आचरण निंदनीय : खन्ना


विधानसभा में विपक्षी दलों द्वारा सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करने के लिए उनकी तीखी आलोचना की गई। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन में विपक्ष की खाली पड़ी बेंचों की ओर इशारा करते हुए कहा कि विपक्ष का आचरण निन्दनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का आचरण निन्दनीय है। हम उनसे पूछना चाहते हैं कि उन्हें कौन सी बात सही नहीं लगी।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच की सिफारिश उन हजारों युवाओं के हित में है, जिनके साथ अन्याय हुआ है। खन्ना ने कहा, विपक्ष अखबारों के जरिए बात कर रहा है। बुलावे के बावजूद वह बातचीत के लिए नहीं आया। विपक्ष ने नहीं बताया कि 19 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण में उन्हें कौन सी बात असंसदीय महसूस हुई। राज्य की खराब हालत के लिए पूर्व की सपा सरकार को दोषी ठहराते हुए उन्होंने कहा कि जो अवैध काम करेंगे, वह जेल ही जाएंगे, मंदिर या किसी अन्य जगह नहीं।

उत्तर प्रदेश का पूर्व में नीचे जा रहा विकास का ग्राफ एक बार फिर चढ़ता नजर आ रहा है। पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि थानों में पुलिसकर्मियों की पिटाई हो जाती थी। सपा ने राज्य को तहस नहस कर दिया है। अब भाजपा सरकार चीजों को व्यवस्थित करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को सदन में कहा था कि 2012 से अब तक उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा की गई नियुक्तियों की सीबीआई जांच होगी। इसी अवधि में राज्य में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार सत्ता में थी।

योगी ने कहा था कि हरियाणा के एक पूर्व मुख्यमंत्री नियुक्तियों में धांधली के चलते ही जेल में हैं। योगी की इस टिप्पणी पर विपक्ष विशेषकर समाजवादी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी ने कल कहा था कि सत्ता पक्ष विपक्ष की आवाज को दबा रहा है और सत्ता पक्ष के इसी रवैये के चलते विपक्ष ने विधानसभा के समूचे सत्र के बहिष्कार का फैसला किया है।