चिकित्साधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश


जौनपुर : उत्तर प्रदेश में जौनपुर के जिला चिकित्सालय में गर्भवती महिला की उपचार के दौरान शिशु की मृत्यु के मामले में अदालत ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच के आदेश दिये है। आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम ) अभिनय मिश्र ने मामले में डाक्टर की लापरवाही पर गंभीर रूख अपनाते हुये कोतवाल को प्राथमिकी दर्ज कर 24 घंटे के अंदर विवेचना करने का आदेश दिया।

उन्होने बताया कि कोतवाली क्षेत्र निवासी मोहम्मद वारिस ने डॉ आर के गुप्ता के खिलाफ अदालत में गुहार लगायी थी कि उन्होंने अपनी गर्भवती पत्नी को उपचार के लिए गत पांच जनवरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उनकी देखरेख में वह 08 जनवरी तक भर्ती रही। पीडित का आरोप है कि डॉक्टर गुप्ता की उपचार के दौरान लापरवाही के कारण पीडिता के गर्भ में पल रहे शिशु की मृत्यु हो गई।

वादी ने कोतवाली और पुलिस अधीक्षक से इस मामले में जांच की गुहार लगायी लेकिन कोई डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर उसने अदालत की शरण ली। जिलाधिकारी ने भी मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ)को मामले की जांच का आदेश दिया था।

जांच में सीएमओ ने डॉक्टर आर के गुप्ता को दोषी पाया। अदालत ने सीएमओ की जांच से संबंधित कागजात तलब किया जिसमें डॉक्टर की उपेक्षा का हवाला दिया गया था। सीएमओ ने भी जांच में डॉक्टर को दोषी पाते हुए उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति किया है।

–  (वार्ता)