बाहुबली अतीक पर हत्या की साजिश का एक और मुकदमा दर्ज


इलाहाबाद: बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद पर एक और हत्या की साजिश रचने का मामला दर्ज हुआ है। धूमनगंज थाना अंतर्गत ठेकेदार जितेंद्र पटेल की हत्या के मामले में अतीक पर साजिश रचने का आरोप लगा है। इस मामले में विधायक पूजा पाल के भाई उमेश पाल व अन्य तीन लोगो को पुलिस ने नामजद किया था। लेकिन पुलिस ने अपनी जांच के बाद इस बात का खुलासा किया कि जितेंद्र की हत्या के पीछे अतीक अहमद और उनके गुर्गो का हाथ है। अतीक अहमद जेल में बंद है। लगातार उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बीती 11 जुलाई 2016 को ठेकेदार जितेंद्र पटेल की हत्या हुई थी। इस मामले में बाहुबली अतीक अहमद साजिश रचने के आरोप है। जबकि उनके गुर्गे जुल्फिकार अली तोता एअकरम अरशद और दुर्रानी मुलजिम बनाए गए हैं और इन पर कत्ल करने का आरोप है। अतीक जेल में हैं लेकिन उनके गुर्गो की तलाश में लगातार पुलिस छापेमारी कर रही है।

इन दिनों अतीक के गांव कसारी मसारी में हड़कंप मचा है। हर दिन पुलिस छापेमारी कर रही है। बीती रात पुलिस को सुचना मिली की जुल्फिकार एक अन्य आरोपी अपने घर पर है। लेकिन पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा कोई भी आरोपी पकड़ा नही गया। पुलिस को आरोपियों के घरो में महिलाए ही मिली। घर की महिलाओ को पुलिस ने कहा है की जो फरार चल रहा है अभियुक्त अगर जल्द गिरफ्तार नहीं हुए तो पुलिस गैर जमानती वारंट जारी करेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार फरार चल रहे अशरफ पर इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जिले कप्तान आनंद कुलकर्णी के मुताबिक जिले में लगातार असरफ की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जानकारी के मुताबिक़ अशरफ पर रूपया 5000 का इनाम घोषित किया जा सकता है।

इसके पहले कोर्ट में ना आने की वजह से असरफ घर के बाहर पुलिस ने मुनादी की करवाई की थी। पहले ही असरफ के घर पर का नोटिस चस्पा हो चुका है। याद दिला दें कि़ इसके पहले अतीक अहमद राजूपाल हत्याकांड मामले में फरारी के दौरान के दौरान सांसद रहते हुए इनामी घोषित हुए थे। मायावती की सरकार में अतीक अहमद पर 20 हजार का इनाम रखा गया था। उसके बाद अतीक अहमद दिल्ली से गिरफ्तार किये गये थे। 2007 में राजूपाल हत्या काण्ड के बाद लगातार दबाव के बाद सपा सुप्रीमो ने अतीक को पार्टी से निकाल दिया था। इसी क्रम में 2013 में सत्ता में जैसे ही सपा की सूबे में वापसी हुई तो अतीक फिर पार्टी में शामिल हो गये थे।

– ताहिर जाफरी