प्रमाणपत्र निर्गत कराने में शिथिलता पर होगी निलंबन की कार्यवाही


एटा: डीएम अमित किशोर ने कहा कि दिव्यांगजनों को कृत्रिम उपकरण, सहायक उपकरण वितरण किये जाने हेतु आगामी अगस्त, सितम्बर माह में वृहद रूप से शिविर का आयोजन किया जायेगा। शिविर में जनपदभर के 40 प्रतिशत दिव्यांगता रखने वाले दिव्यांगजन पात्र होंगे, शिविर के माध्यम से उन्हें छड़ी, ट्राईसाइकिल, वैशाखी, कान की मशीन आदि पांच प्रकार के आवश्यक उपकरण निशुल्क मा0 जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में वितरित होंगे। डीएम ने संबंधित अधिकारियों, ग्राम स्तरीय कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि ग्राम स्तर पर अभियान चलाकर 40 प्रतिशत पात्रता रखने वाले दिव्यांगजनों को चिन्हित कर सूची बनाकर हर हाल में 7 दिन के अंदर प्रस्तुत कर दी जाये। ग्राम स्तरीय कर्मचारियों द्वारा सूची बनाते समय यह भी सुनिश्चित किया जाये कि कौंन दिव्यांगजन किस उपकरण हेतु पात्र है।

डीएम अमित किशोर कलक्ट्रेट सभागार में दिव्यांगजनों को कृत्रिम उपकरण, सहायक उपकरण वितरण किये जाने हेतु दिव्यांगजनों के चिन्हींकरण हेतु आयोजित बैठक में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा दिव्यांगजनों के सर्वे के उपरान्त डाटा तैयार किया जायेगा। डीएम ने निर्देश दिये कि तहसील में आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, सामान्य निवास प्रमाण पत्र की पैंडेंसी को तत्काल निबटाया जाये। संज्ञान में आया है कि तहसील द्वारा प्रमाण पत्र निर्गत करने में काफी शिथिलता बरती जा रही है। सभी एसडीएम अपने लेखपाल आदि की कार्यशैली की जांच करें, प्रमाणपत्र समय से निर्गत न होने पर संबंधित लेखपाल सहित अन्य के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

सभी पूर्ति निरीक्षक अपनी-अपनी तहसीलों में बैठकर संबंधित एसडीएम से समन्वय स्थापित कर रिपोर्ट उपलब्ध करायें। राशन वितरण की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जाये। एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि सभी सीओ अपने स्तर से थानाध्यक्षों को निर्देशित करें कि थाने पर आने वाले प्रत्येक दिव्यांगजन का नाम मोबाइल नम्बर, पता सहित सूची तैयार की जाये। अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को चिन्हित कर डाटा तैयार करें, साथ ही थाने पर आने वाले प्रत्येक दिव्यांग की समस्या को प्रमुखता से सुना जाये। एडीएम प्रशासन सतीश पाल ने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रगति में सुधार लाया जाये।