राम मंदिर का निर्माण न्यायालय या फिर सकारात्मक राजनीति से ही संभव : योगी


Yogi Adityanath

अयोध्या : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि विवाद को आपसी बातचीत या न्यायालय से हल करने की जरुरत बताते हुए आज कहा कि यह दोनो ही चीजें सकारात्मक राजनीति से ही संभव है। श्री योगी यहां राम मंदिर आंदोलन के महानायक एवं श्रीराम जन्मभूमि न्यास के पूर्व अध्यक्ष तथा दिगम्बर अखाड़ा के महंत रहे परमहंस रामचन्द, दास की चौदहवीं पुण्यतिथि पर जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि राम मंदिर का हल न्यायालय या बातचीत से ही सुलझ सकता है।

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय की सलाह पर दोनो पक्षों को बातचीत से विवाद सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। गोरक्षपीठ का सम्बन्ध राम मंदिर आंदोलन से बताते हुए श्री योगी ने कहा मैं बार-बार अयोध्या आऊंगा। मेरे अयोध्या आने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिये। अयोध्या, काशी ने दुनिया को संस्कृति दी है। भारत की पहचान राम और बुद्ध से है।

पश्चिमी देशों में भी राम की परम्परा दिख रही है। श्री योगी ने कहा कि थाईलैंड के राजा अपने आपको राम का वंशज मानते हैं। भारत का कोई बच्चा ऐसा नहीं है जो राम को नहीं जानता। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष रामलीला का आयोजन होता है। जगह-जगह कथा भी होती रहती है जिसमें राम-कृष्ण का बखान होता रहता है। कथा को सुनकर लोग आनंदित हो जाते हैं और हर व्यक्ति भगवान राम के प्रति श्रद्धा रखता है।