संस्कृत महाविद्यालय का माफियाअों ने मिटाया नामोनिशान


खुर्जा: प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में संस्कृत विद्यालयों पर विशेष रूप से ध्यान दे रहे हैं तथा प्रदेश मुखिया का उद्देश्य है कि प्रदेश भर में संस्कृत विद्यालयों का विकास हो और छात्र छात्राऐं संस्कृत में आगे बढ़ें लेकिन पॉटरी नगरी के प्राचीन श्रीराधा कृष्ण संस्कृत महाविद्यालय को माफियाओं ने तहस नहस कर दिया और विद्यालय की सम्पत्ति पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर डाली लेकिन अभी तक श्रीराधा कृष्ण संस्कृत महाविद्यालय की सम्पत्ति पर कालोनी नहीं बसी है क्योंकि इस मामले में नगर के कुछ समाजसेवियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस प्राचीन विद्यालय से योग गुरू बाबा रामदेव के सहयोगी बालकिशन ने संस्कृत की उपाधि हासिल कर पूरे देश का नाम रोशन किया है।

आज देश के कौने कौने में बाबा रामदेव व वैद्य बालकिशन को जाना जाता है लेकिन माफियाओं ने इस विद्यालय को ही तहस नहस कर दिया। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में संस्कृत विद्यालयों के विकास के लिये एक टीम का गठन करने का आदेश दिया है तथा श्रीराधा कृष्ण संस्कृत महाविद्यालय बन्द होने के बाद न जाने कितने छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकार की ओर चला गया। दो वर्ष पूर्व इस विद्यालय पर नगर के भूमाफिया कहर बनकर बरस पड़े। विद्यालय में 100 से अधिक आम के पेड़ थे जिनकर माफियाओं के इशारे पर आरा चला दिया गया।

यह मामला सपा शासनकाल में खूब गर्माया लेकिन प्रशासनिक स्तर से कोई विशेष कार्रवाही नहीं की गई। सूत्रों की मानों तो माफियाओं का कहना यह था कि मामला हाईकोर्ट में चल रहा है और हाईकोर्ट से संस्कृत विद्यालय को कमैटी को सौंप दिया गया है। कमैटी के ही पदाधिकारियों द्वारा संस्कृत विद्यालय की कई सदियों पुरानी बिल्डिंग को ध्वस्त करा दिया गया। इस सम्पत्ति पर नगर के माफिया और कमैटी के लोगों में आमना सामना हुआ लेकिन इस प्राचीन विद्यालय को ध्वस्त करा दिया गया। बताया जा रहा है कि हाल फिलहाल में ही श्रीराधा कृष्ण संस्कृत महाविद्यालय की सम्पत्ति पर विवाद उत्पन्न है जिसके चलते अभी तक इस सम्पत्ति पर कालोनी नहीं बनी है सिर्फ विद्यालय की पुरानी बिल्डिंग को ध्वस्त करने के बाद प्लाटिंग के रूप में सम्पत्ति को छोड़ दिया है।

– आरिफ चौहान