एसएसपी और एसपी को हो सकता है सात दिन का कारावास


इलाहाबाद:एसएसपी इलाहाबाद और एसपी प्रतापगढ़ को 7 दिन का कारावास हो सकता है। अपर सत्र न्यायाधीश एमपी सिंह ने दोनों को धारा 349 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत अल्टीमेटम देते हुए जवाब तलब किया है। हत्या जैसे संगीन मुकदमों में बार-बार कोर्ट के आदेश की अवहेलना करना और लापरवाही दिखाना दो पुलिस अधीक्षक एवं दो थानाध्यक्षों को महंगा पड़ गया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एम पी सिंह ने एसएसपी इलाहाबाद व एसपी प्रतापगढ़ को धारा 349 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत सात दिन के कारावास का अल्टीमेटम देते हुए जवाब तलब किया है। साथ ही संगमनगरी में क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह की गिरफ्तारी व वेतन रोकने का आदेश दिया है।

इसी क्रम में एसएसपी इलाहाबाद को एवं प्रतापगढ़ में तैनात थानाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह की गिरफ्तारी व वेतन रोकने का आदेश एसपी प्रतापगढ़ को दिया। वहीं कोर्ट में गवाही देकर उसका प्रमाण उच्चाधिकारियों के समक्ष देने पर ही वेतन बहाल होगा। बता दें कि खुटहन थाना क्षेत्र के हत्या के मुकदमे स्टेट बनाम राजबहादुर के विवेचक थानाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह एवं मडियाहूं थाना क्षेत्र के हत्या के मुकदमे स्टेट बनाम सोनू उर्फ मुन्ना में इलाहाबाद क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह वारंट के बावजूद कई वर्ष से गवाही देने नहीं आ रहे थे।

पिछली तारीख पर कोर्ट ने एसएसपी इलाहाबाद व एसपी प्रतापगढ़ को आदेश दिया था कि, दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट का तामिला कराकर उन्हें कोर्ट में पेश करें। लेकिन आदेश का पालन नहीं किया गया। जिस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त आदेश दिया। पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई कर्तव्य की उपेक्षा के संबंध में डीजीपी सुलखान सिंह को पत्र भेजकर अवगत कराया गया।