अपराधियों और गुण्डों पर सख्त कार्यवाही करें


इलाहाबाद : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक सरकिट हाउस में जनप्रतिनिधियों तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारियों तथा मण्डल के अधिकारियों के साथ की। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि आपराधियों, आपराधिक तत्वों तथा गिरोहों पर पुलिस सख्त से सख्त कार्यवाही करे। उन्होंने कहा कि पुलिस अपने कार्यशैली में बदलाव लाये और अपराधियों के खिलाफ मुहिम चलाकर उनके घर दबिश दे और तालाशी ले।

उन्होंने कहा कि अपराधियों और गुण्डों पर सख्त कार्यवाही की जाय। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ बिना भय प्राथमिक दर्ज कर समय से चार्जशीट दाखिल किया जाय। उन्होंने कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी हो तथा उनपर दर्ज मुकदमों की प्रभावी पैरवी भी की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था का राज स्थापित करने के साथ ही साथ भ्रष्टाचारमुक्त, अपराधमुक्त, पारदर्शी एवं संवेदनीशल प्रशासनिक व्यवस्था अधिकारी सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ कर ट्रैफिक जाम से जनमानस को निजात दिलाई जाये। उन्होंने कहा कि वाहनों से काली फिल्म, हूटर तथा अवैध बत्ती को सख्ती से हटा दिया जाय। असलहा लेकर चलने वालों की चेकिंग की जाय तथा संदिग्ध मिलने पर सम्बन्धित व्यक्ति के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाय। उन्होंने कहा कि चार पहिया वाहन पर अगली सीट पर बैठने वाले सीट बेल्ट का प्रयोग तथा दुपहिया चलाने वाले हेलमेट का प्रयोग अवश्य करें। उन्होंने कहा कि आमजनमानस को इसके लिए अधिकारीगण प्रेरित करें और जागरूकता अभियान चलायें।

उन्होंने डायल 100 से मिलने वाली शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इनकी बहुत शिकायतें आ रही हैं। इस व्यवस्था में तैनात पुलिस कर्मी अपनी कार्यशैली को सुधारें तथा जनता के मन में विश्वास जगायें। उन्होंने कहा कि हाइवे पर रात्रि में ये वाहन गश्त करें तभी वहां अपराध रूकेगा। उन्होंने कहा कि डायल 100 आधुनिक संसाधनों से युक्त है उसका उपयोग समाज की सुरक्षा के लिए किया जाय। उन्हांने कहा कि पुलिस को हर क्षेत्र में गश्त करना चाहिए इससे महिलाओं के साथ होने वाले अपराध में निश्चित कमी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपील किया कि वे गाडिय़ों से उतर कर प्रतिदिन कम से कम 45 मिनट पैदल चलकर जनता के बीच जाकर जमीनी हकीकत देखें तभी अपराध पर अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस आम जनता के प्रति जन विश्वास पैदा करे तभी जनता पुलिस के साथ आयेगी और अपराध में कमी आयेगी। उन्हांने कहा कि किसी भी क्षेत्र में अपराध होने पर पुलिस की पूरी टीम जिम्मेदार होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था में कमी पाये जाने पर टीम में थानाध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी एसपी तथा चौकी इंचार्ज कोई भी हो सभी पर कार्यवाही होगी।

उन्होंने पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि आम जन के प्रति संवेदनशील होइये, उनका विश्वास जीतिये तथा जनप्रतिनिधियों से बेहतर संवाद स्थापित करिये। सीयूजी पर आये प्रत्येक फोन का जवाब दीजिये। उन्होंने कहा कि जनसामान्य के प्रति न्यायसंगत कार्यवाही अधिकारी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत पर तत्काल कार्यवाही की जाय। किसी बड़ी घटना पर जिलाधिकारी तथा एसएसपी साथ जायें तथा घटना को मीडिया के समक्ष रखें, जनता तक अपनी बात पहुंचायें।

उन्होंने कहा कि बेहतर संवाद से किसी भी समस्या का हल निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसा कार्य करें कि लोगों में कानून के प्रति सम्मान का भाव आये। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी व सार्वजनिक भूमि, तालाब, पार्क पर कब्जा करने वालों, खनन माफिया, वन माफिया तथा भू-माफियाओं के प्रति कड़ी कार्यवाही की जाय। उन्होंने कहा कि एडीजी जोन टीम बनाकर जेलों में छापा मारें। मोबाइल, असलहा तथा अवैध वस्तु पाये जाने पर जेल अधीक्षक पर कार्यवाही करें।

उन्होंने जेल में अनैतिक कार्यों पर जेल अधीक्षक की जवाबदेही तय करने का दिया निर्देश। उन्होंने कहा कि जेल सुधार गृह है न कि काले कारनामें को संचालित करने का गृह। उन्होंने कहा जनपद में बनायी गयी टीम अलग-अलग जनपदों के जेलों में भी छापा मारेगी। उन्होंने कहा कि एन्टी रोमियो स्क्वायड को सक्रिय रखने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हास्पिटल, बाजार तथा सार्वजनिक स्थलों पर एन्टी रोमियो स्क्वायड टीम की सक्रियता से बालिकाओं तथा महिलाओं को सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सहमति के साथ अगर कोई साथ चल रहा है तो उसे न परेशान किया जाय परन्तु अगर रात्रि में 12-1 बजे अगर कोई महिला-पुरूष घूमते हुए मिले तो उसे रोकें तथा पूछताछ करें और थाने पर उनके अभिभावक को बुलाकर समझायें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उन पुलिस कर्मियों तथा अधिकारियों की सूची बनाई जाय जो अराजकता में लिप्त हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें चिन्हित कर विभागीय कार्यवाही करें तथा ऐसे पुलिस कर्मियों की छटनी भी करें। उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं है कि इंस्पेक्टर को ही थाना दिया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरिट के आधार पर थाना दिया जाय, अगर कोई एसआई अच्छा कार्य कर रहा हो तो उसको भी थाना दिया जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी कैम्प कार्यालय के प्रथा बंद कर कार्यालय में प्रत्येक दिन अपरान्ह 9 से 11 बजे तक जनसमस्याओं को सुने तथा प्रभावी कार्यवाही करें। उन्होंने जनता की समस्याओं की अधिकतम तीन दिन में अधिकारी निस्तारित करें। उन्होंने कहा कि अब तहसील दिवस सम्पूर्ण समाधान दिवस के रूप में मनाया जायेगा। सम्पूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों के साथ ही सम्बन्धित तहसील के विधायक भी प्रतिभाग करेंगे।

इस दिवस पर जाति, निवास, आय तथा पेंशन के अलावा विकास के कार्यों की शिकायतों का निस्तारण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या पर गुण-दोष के आधार पर न्याय संगत कार्यवाही की जाय न कि चेहरा देखकर। मण्डल के जिलाधिकारियों को अवैध खनन पर प्रभावी कार्यवाही करने का निर्देश दिया। बिना विद्युतिकरण किये गांवों में बिजली के बिल की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने नराजगी व्यक्त की तथा एमडी को इन शिकायतों की जांच का निर्देश दिया। उन्हांने गंगा के किनारे बसे गांवों को 10 जून तक ओडीएफ युक्त करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई कर्मचारियों के न जाने पर जिला पंचायत राज अधिकारी जवाब देह होंगे।

उन्हांने सभी स्तर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने की समीक्षा करते हुए लोनिवि, नगर निगम, मण्डी तथा सिंचाई एवं ग्रामीण अभियंत्रण आदि सभी कार्यदायी संस्थाओं को अपने क्षेत्र की सड़कों को विलम्बतम 15 जून तक पूरी तरह गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद शिक्षा का गढ़ है इसकी गरिमा का अधिकारी ख्याल रखें। उन्हांने विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात को ठीक करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की शत प्रतिशत उपस्थिति अधिकारी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ ही जिलाधिकारी तथा अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी प्राथमिक तथा जूनियर विद्यालयों को गोद लेकर आदर्श विद्यालय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि यह कार्य जन सहयोग से संभव है जिसमें शासन भी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि किसानों से क्रय किये गये आलू को मिड-डे-मील में प्रयोग किया जाय। उन्होंने चिकित्सकों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।

– (बाबी)