द न्यूयॉर्क टाइम्स ने योगी को मुस्लिम विरोधी नेता कहा, सीएम बनाने के मोदी के फैसले की आलोचना भी की


लखनऊ : अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) ने अपने आर्टिकल ‘फायरब्रांड हिंदू क्लेरिक एसेन्ड्स इंडियाज पॉलिटिकल लैडर’ में लिखा, “‘योगी को भारत के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य में शासन के लिए एक हिंदू योद्धा के रूप में चुना गया है। आदित्यनाथ को ज्यादातार लोग योगी कहकर पुकारते हैं। योगी एयर कंडीशनर्स का इस्तेमाल नहीं करते। जमीन पर सोते हैं। वे डिनर में कई बार सिर्फ सेब खाते हैं।’’ NYT ने बीते मार्च में भी अपने एडिटोरियल में योगी को मुस्लिम विरोधी नेता कहा था। उन्हें यूपी का सीएम बनाने के नरेंद्र मोदी के फैसले की आलोचना की थी।

इसके अलावा NYT ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को ‘हिंदुओं को सर्वोच्च मानने वाली उग्रवादी परंपरा के लिए पहचाने जाने वाले मंदिर का नेता’ बताया है। अखबार ने यह भी कहा है कि हर कोई ये मानता है कि नरेंद्र मोदी का उत्तराधिकारी बनने की सबसे ज्यादा संभावना योगी में ही है।

NYT ने लिखा योगी आदित्यनाथ की पापुलैरिटी के पीछे की वजह ठीक नहीं है। वे एेसे मंदिर की अगुआई करते हैं जो हिंदुओं को सर्वोच्च मानने वाली उग्रवादी परंपरा के लिए पहचाना जाता है। योगी ने मुस्लिमों की ऐतिहासिक गलतियों का बदला लेने के लिए युवा वाहिनी बना रखी है।” NYT ने यह भी लिखा कि 1969 तक मंदिर के प्रमुख रहे दिग्विजय नाथ को एक बार गिरफ्तार किया जा चुका था। उनके उत्तराधिकारी बने महंत अवैद्यनाथ पर 1992 में हिंदुओं को भड़काने का आरोप लगा था।

NYT के आर्टिकल में अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टिट्यूट के एक्सपर्ट सदानंद धुमे ने कहा- “मोदी के उत्तराधिकारी के तौर पर योगी किसी की भी स्वाभाविक पसंद हो सकते हैं। तीन साल पहले उनको इतना कट्टर माना जाता था कि टेक्स्टाइल मिनिस्ट्री में राज्यमंत्री भी नहीं बनाया गया था, लेकिन अब सबकुछ सामान्य हो चुका है।” ब्राउन यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल स्टडीज के प्रोफेसर आशुतोष वार्ष्णेय कहते हैं- योगी को सीमए बनाने के ये मायने हैं कि आप उन्हें ऐसी ताकत सौंप रहे हैं, जिसे आसानी से वापस नहीं लिया जा सकता। या तो मोदी उनके बढ़ते कद को रोकना नहीं चाहते, या वे उन्हें रोक नहीं पा रहे। मोदी तो विकास का वादा करके आए थे

NYT ने मार्च में ‘हिंदू कट्टरपंथियों को अपनाने का मोदी का जोखिमभरा कदम’ हेडलाइन से एडिटोरियल लिखा था। इसमें अखबार ने लिखा था कि 2014 में चुनकर आए मोदी ने डेवलपमेंट और इकोनॉमिक ग्रोथ के अपने सेक्युलर मकसद को प्रमोट करने के दौरान ही काफी चालाकी से पार्टी के कट्टर हिंदू बेस को खुश किया है। मोदी ने अपना राज खोला। भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में बड़ी जीत से उत्साह में आई उनकी पार्टी ने फायरब्रांड हिंदू नेता योगी आदित्यनाथ को यूपी का चीफ मिनिस्टर बनाने का एलान किया। यह माइनॉरिटी के लिए चौंका देने वाला फैसला था।”  ”यह फैसला इस बात की तरफ इशारा है कि 2019 के आम चुनाव से पहले राजनीतिक जोड़-गणित की जो सुगबुगाहट चल रही है, उससे मोदी और उनकी बीजेपी यह मानने लगी है कि सेक्युलर रिपब्लिक को एक हिंदू स्टेट में तब्दील करने के लंबे वक्त से कायम उसके सपने को पूरा करने की राह में अब कोई अड़चन नहीं है।”

मार्च में अखबार ने अपने एडिटोरियल में आगे लिखा था- ”आदित्यनाथ ने मुस्लिमों की निंदा करते हुए और अपने खयाली पुलाव ‘लव जिहाद’ के खिलाफ बयान देकर करियर बनाया है। 2015 में बीफ के शक पर एक मुस्लिम शख्स की हत्या करने वाली हिंदुओं की भीड़ को आदित्यनाथ ने डिफेंड किया था। वे यह भी कह चुके हैं जो मुस्लिम सूर्य नमस्कार के योगासनों का विरोध करते हैं, उन्हें समुद्र में डूब जाना चाहिए।” NYT ने आगे लिखा- ”यूपी में 20 करोड़ लोग रहते हैं। वहां किसी आइडियोलॉजी की शोमैनशिप की बजाय डेवलपमेंट की सख्त जरूरत है। राज्य में इनफैन्ट मॉर्टेलिटी रेट सबसे ज्यादा है। एजुकेशन की हालत खराब है। यूथ बेरोजगार हैं।”

NYT ने लिखा, ”आदित्यनाथ नरेंद्र मोदी की चाैंका देने वाली च्वाइस थे। मोदी एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो तीन साल पहले भारत को इकोनॉमिक ग्रोथ की नई राह पर ले जाने और हिंदू एजेंडे पर जोर नहीं देने के वादे के साथ आए थे। लेकिन भारत को हिंदू राष्ट्र में बदलने की मुहिम ने मोदी के डेवलपमेंट के एजेंडे को डुबा दिया। इससे देश के 17 करोड़ मुस्लिमों का आर्थिक और सामाजिक दायरा सिकुड़ रहा है।”