हदय विदारक घटना में एक बच्चे सहित तीन की मौत, महिला घायल


अलीगढ़: निकटवर्ती थाना गोड़ा क्षेत्र के गांव लेहरा में आज सुबह एक हदय विदारक घटना में एक बच्चे सहित तीन की मौत हो गयी। जबकि एक महिला गोली लगने से घायल हो गयी, घटना से क्षुप्द ग्रामीणों ने आरोपी के घर में घुसकर न केवल तोड़-फोड़ की बल्कि आग लगाने की भी कोशिश की स्थिति की गंम्भीरता को देखते हुए महानगर के सात थाना क्षेत्रों की पुलिस डीआईजी, एसएसपी, एसपीआए, सीओ और पीएसी बल ने मौके पह पहुंच कर स्थिति को नियंत्रण में किया और सभी मृतको के शव को अंतपरीक्षण हेतु पोस्टपार्टम ग्रह भेजा है जबकि गंभीर महिला को जिला अस्पताल मे भर्ती कराया गया है। सामाचार के अनुसार आज सुबह 10 बजे गांव लेहरा में कहा सुनी के बाद नामजद 35 वर्षीय भूरी सिंह पुत्र रामवीर सिंह ने अपनी लाइसेसी बन्दुक से 35 वर्षीय डबर सिंह और उसके पुत्र 8 वर्षीय सूरज व उसकी पत्नी ज्योति को गोली मार दी।

ग्रामीणों ने भूरी सिंह को पकड़ने का प्रयास किया तथा घेरा बन्दी की बड़ी संख्या में ग्रामीणों को अपनी ओर आता देखकर पकड़ने जाने के भंय से उसने स्वंय को भी गोली मार ली। मौके पर डबर सिंह, सूरज व हमलावर भूरी सिंह की मौत हो गयी जबकि डबर सिंह की पत्नी ज्योति भी गोली लगने से घायल हो गयी। जिसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल ले गये और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंच कर मामले की जानकारी की और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया इसी बीच ग्रामीण उत्तेजित हो गये और उन्होने हमलावर के घर पर ढाबा बोल दिया। हमलावर के पत्नी,बच्चे आदि जान बचाकर भागे तो ग्रामीणों मे मकान मे तोड़फोड कर आग लगाने की कोशिश की परन्तु पुलिस की संक्रियता से ग्रामीण अपने इरादों मे सफल नही हो सके।

घटना की जानकारी मिलते ही अलीगढ़ जिला मुख्यालय से डीआईजी और एसएसपी सक्रिय हो गये महानगर की सभी थानों की पुलिस को मौके पर पहुंचने का आदेश दिया तथा पीएसी बल को तलब किया और आनन-फानन पूरे गांव की घेरा बंदी कर ली और स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से भी बात चीत की। डीआईजी श्री राजेन्द्र सिंह यादव ने जानकारी दी है कि स्थिति को नियंत्रण मे कर लिया गया है और ग्रामीण अभी शांत है। लेकिन घटना के बाद स्थिति तनाव देखते हुए स्थानीय पुलिस बल व पीएसी की तैनाती निरन्तर चलती रहेगी। उन्होने कहा कि शवों का क्रिया क्रम भी पुलिस पेहरे मे कराया जाएगा। घटना के मूल में पता लगा है कि भूरी सिंह और डबर सिंह के बीच रूपयों के लेन-देन का विवाद था। गत दिवस पंचायत में फैसला हुआ कि भूरी सिंह डबर सिंह को दस हजार रूपये अदा करेगा।

मौके पर पंचायत ने भूरी सिंह से डबर सिंह से दस हजार रूपये दिलवा दिए इस फैसले से भूरी सिंह तिलमिला गया और कुछ कर न सका। आज सुबह भूरी सिंह अपनी लाईसेन्सी गन को लेकर गांव मे निकला तो ग्रामीणों ने उस पर व्यगातमक शैली से कुछ कहा सुना इसस कुपित होकर वह डबर सिंह के घर जा ही रहा थी कि सामने से डबर सिंह अपनी पत्नी वह बच्चो के साथ नजर आ गया। भूरी सिंह को देख डबर सिंह ने भी कुछ ताना कसा तो वह अपना मानसिक सन्तुलन खो बैठा और उसने अन्धाधून फायरिंग कर डबर सिंह व उसके लडके सूरज को निशाना बनाया और गोली चला दी। दुबारा उसने बन्दुक लौड़ की और ज्योति को भी गोली मार दी। यह खबर पूरे गांव मे आग की तरह फैली और सभी ग्रामीण भूरी सिंह की ओर भागने लगे यहां भूरी सिंह ने हवाई फायर किया और तीसरी बार बन्दूक लोड की और ग्रामीणों को अपनी और आता देख उसने स्वयं को गोली मारकर खत्म कर लिया।