दो सगी बहनों को जिंदा जलाने की कोशिश, पेट्रोल डालकर लगाई आग


बरेली के नवाबगंज के देवरनिया जागीर में गुरुवार रात एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां दो सगी बहनों पर दो अंजान हमलावरों ने घर में घुसकर उन पर पेट्रोल छिड़का और दोनों बहनों गुलशन (19) और फिजा(17) को आग लगा दी। हालांकि दोनों बहनों की जान बच गई है। पूछताछ के बाद पीड़िता ने बताया कि ‘मैं और मेरी बहन रात में अपने बेड पर सो रहे थे तभी 2 बजे कोई आया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी।’

बताया जा रहा है कि पीड़िता के घर में दो कमरे हैं। सामने की तरफ आंगन है। घर में दरवाजा नहीं है। छोटी दीवार की बाउंड्री है। इसी वजह से हमलावर बेरोकटोक घर में घुस आए और उन्होंने पेट्रोल छिड़ककर दोनों बहनों को आग लगा दी। हमले में झुलसी गुलशन टीबी की मरीज हैं। लंबे समय से उसका इलाज चल रहा है। पेट्रोल से हमले के बाद उसका चेहरा भी झुलस गया है। वह ज्यादा बातचीत नहीं कर पा रही है। वहीं दूसरी बहन फिज़ा पड़ोस के कॉलेज में नौवीं की छात्रा है। फ़िज़ा ने पुलिस को बयान दर्ज कराए हैं।

क्या है पूरा मामला?

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गुरुवार रात को नसरुद्दीन की पत्नी नत्था बेटी गुलशन, फिजा, मुस्कान, बेटे साहिल, फैज के साथ घर में सो रहे थे। एक कमरे में नसरुद्दीन साहिल और फ़ैज़ थे। दूसरे कमरे में नत्था मुस्कान गुलशन और फ़िज़ा एक साथ सो रही थी। नत्था ने बताया की रात 12 बजे तक चोटी कटने के डर से सब लोग जागते रहे। इसके बाद नींद आ गई। रात करीब 2 बजे अचानक गुलशन (19) और फिजा(17) के चीखने की आवाज आई। दोनों एक साथ चारपाई पर सो रही थी। देखा तो उनकी चारपाई पर कपड़ों से आग की लपटें निकल रही थीं। नत्था कमरे से चीखते हुए भागी।

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उनकी आवाज़ सुनकर नसरुद्दीन और मोहल्ले के लोग पहुंच गए। उन्होंने कपड़ों से जल रही लड़कियों की आग बुझाई। मामले की सूचना नवाबगंज पुलिस को दी गई। जिस पर करीब एक घंटे बाद थाना पुलिस वहां पहुंची। दोनों लड़कियों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से एक माचिस, लकड़ी में लिपटा हुआ पेट्रोल से भीगा कपड़ा, पेट्रोल की बोतल मौके से बरामद की है। जिला अस्पताल में सीएमओ विजय यादव और महिला दरोगा प्रीति पवार ने दोनों लड़कियों के बयान दर्ज किए हैं। हालांकि लड़कियों ने हमलावरों के बारे में जानकारी होने से इंकार किया है।