मरी महिला के लिख डाले बयान


मथुरा: अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट विवेकानन्द शरण त्रिपाठी ने कागजातों में हेराफेरी कर अदालत में गलत तथ्य पेश करने पर दिल्ली के दो अधिकारियों समेत तीन के खिलाफ अभियोग पंजीकृत करने का आदेश दिया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रवीण कुमार ने इस संबंध में बताया कि दिल्ली के एसडीएम विनोद कुमार एवं इन्द्रप्रस्थ दिल्ली थाने के थानाध्यक्ष कुंवर साहब सिंह ने एक विवाहिता के मृत्यु पूर्व बयान में हेराफेरी इस प्रकार की जिसका दृष्टांत आसानी से नही मिलेगा।

उन्होंने बताया कि थानाध्यक्ष कुंवर साहब सिंह ने दिल्ली में तैनात तत्कालीन एसडीएम एवं वर्तमान में सहायक सेल्सटैक्स कमिश्नर आईटीओ दिल्ली विनोद कुमार के कहने पर आरती नामक विवाहिता का मृत्यु पूर्व बयान 26 जून 2013 को उस समय लिख लिया जब वह मर चुकी थी और उसमें मृत महिला के हाथ एवं पैर के अंगूठे के निशान भी लगा लिये थे। सहायक शासकीय अधिवक्ता कुमार ने बताया कि अदालत में पेश होने वाले कागजातों में जमकर हेराफेरी की गई। महिला का मृत्यु पूर्व बयान यद्यपि 26 जून को उसकी मृत्यु के बाद लिया गया किंतु बयान में तारीख 17 जून दिखाई गई। उक्त दोनो की कारगुजारी की पोल तब खुली जब कि आरती का पोस्टमार्टम किया गया और उसके हाथ और पैर के अंगूठे में स्टाम्प पैड की स्याही के निशान मिले।

– कमलकांत उपमन्यु