बाबा साहेब ने बौद्ध धर्म अपनाया, नहीं छोड़ा हिंदुत्व


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हरिद्वार : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह वी भागैया ने स्वयं सेवकों से छुआछूत मिटाने का आह्वान करते हुए कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने छुआछूत के चलते केवल बौद्ध धर्म स्वीकार किया, लेकिन हिंदुत्व नहीं छोड़ा। वह इसाई और इस्लाम धर्म भी स्वीकार कर सकते थे, लेकिन ऐसा कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि इस देश में झाडू लगाने वाला, रिक्शा चलाने वाला और झोपड़ी अथवा बंगले में रहने वाला समान रूप से हिंदू है। हरिद्वार जिले के स्वयंसेवकों के लिए आयोजित नवचैतन्य संघ समागम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बाबा साहब के जन्म दिवस पर हमें छुआछूत मिटाने का संकल्प लेना होगा। कहा कि आज पूरी दुनिया में भारत की धाक है, लेकिन पिछले दिनों देश में घटी कुछ घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग षड्यंत्र के तहत हिंदुत्व और देश को तोड़ने का कार्य कर रहे हैं। हिंदुत्व को वे गलत ढंग से पेश कर रहे हैं। परिणामस्वरूप लोग आपस में ही लड़ रहे हैं, जो हमारी संस्कृति के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों को गांव -गांव जाकर सामाजिक समरसता का भाव जागृत करना होगा। उन्होंने कहा कि देश का हर व्यक्ति सम्मान चाहता है। उसमें दलित समाज के लोग भी हैं, लेकिन यह छुआछूत कहने मात्र से नहीं मिटेगा, इसे हृदय से दूर करना होगा। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी विश्वासश्वेरानंद प्रांत प्रचारक युद्धवीर, सह प्रांत प्रचारक देवेंद्र, प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल, सह प्रांत कार्यवाह अनिल मित्तल और प्रांत प्रचार प्रमुख किसलय कुमार ने भी विचार रखे।

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– संजय चौहान