मायानगरी में बिखर गया कृतिका का सपना


हरिद्वार: उसका सपना था कि वह अपने पैरों में खड़े होने के साथ परिवार को भी आर्थिक रूप से मजबूत कर सके। आज कृतिका दुनिया में नहीं है, लेकिन उसके कुशल व्यवहार व चरित्र और मिलनसार रहने से परिजन उसकी तारीफ करते नहीं थकते हैं। परिजन भी रो-रोकर कृतिका की मौत के जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कृतिका मूल रूप से हरिद्वार जिले के गांव झबरेड़ा की रहने वाली थी। वर्ष 2015 से परिवार कनखल थाना क्षेत्रांतर्गत रमा विहार कॉलोनी में रह रहा था। करीब 22 साल पहले कृतिका के पिता सुरेश चौधरी व मां मंजू झबरेड़ा से ज्वालापुर पीठ बाजार में किराये के मकान में रहने लगे थे।

यहीं रहकर कृतिका ने ज्वालापुर इंटर कॉलेज से बारहवीं की। यहीं से उसने अभिनेत्री बनने का सपना देखा। वह घर में ही रहकर मॉडलिंग किया करती थी। सहेलियों व बहनों से बॉलीवुड जाकर छा जाने व बड़ा नाम कमाने की बात कहने के सपने देखा करती थी। वर्ष 2009 में कृतिका चौधरी मुंबई चली गई, जहां से उसने स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद कृतिका ने कई जगह ऑडीशन देकर मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। धीरे-धीरे कृतिका को धारावाहिकों में काम मिलने लगा। वर्ष 2013 में रिलीज हुई फिल्म रज्जो में कृतिका ने अभिनय किया। इस फिल्म में अभिनेत्री कंगना राणावत के साथ अभिनय करने का मौका कृतिका को मिला।