भाई-बहन के अटूट बन्धन का पर्व राखी


देहरादून: गुरु द्रोणाचार्य की तपस्थली द्रोण नगरी में रक्षा का पर्व अपार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह के समय ईश्वर की पूजा अर्चना के उपरांत व्रत धारण कर बहनों ने अपने भाईयों के हाथों पर रक्षा सूत्र बांधे। रक्षा सूत्र बांधने के उपरांत ही अन्न जल ग्रहण किया गया। मुख्यमंत्री के साथ ही अनेक मंत्रियों एवं नेताओं के आवास पर भी राजधानी में निवास करने वाली महिलाओं ने पहुंचकर उन्हें राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने रक्षा बन्धन के पर्व पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रक्षा बन्धन का पर्व भाई बहन के अटूट बन्धन एवं भारतीय संस्कृति के आदर्श मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्रावण पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला यह पर्व रिश्तों की पवित्रता तथा गरिमा का अहसास कराता है।

आज के दिन बहन और भाई दोनो ही एक दूसरे की रक्षा करने का संकल्प लेते हैं और एक दूसरे के मंगलमय जीवन की कामना करते हैं। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मण्डल अध्यक्ष हरीश नांरग ने रक्षा बन्धन के पर्व पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भाई-बहन के रिश्ते के इस पावन पर्व को आपसी प्रेम एवं भाईचारे की भावना से मनाना चाहिए। उत्तराखण्ड में सभी पर्वों को मिल-जुलकर मनाने की आदर्श परम्परा रही है। रक्षा बन्धन का त्यौहार हमें भारतीय इतिहास के सुनहरे पन्नों की याद दिलाता है। रक्षा बन्धन का पर्व महिलाओं को सम्मान देने की भी प्रेरणा देता है।

– सुनील तलवाड़