बजट को मुख्यमंत्री ने सराहा


देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वित्तमंत्री प्रकाश पंत को गुरुवार को विधानसभा में वर्ष 2017-18 हेतु प्रस्तुत बजट के लिए बधाई देते हुए इसे एक नये उत्तराखण्ड के उदय का ध्वज वाहक बताया है। मुख्यमंत्री रावत ने कहा है कि इस बजट के माध्यम से सरकार ने टॉस्क उत्तराखण्ड यानि टूरिज्म एवं एलाईड सैक्टर डेवलपमेंट, यानि एग्रीकल्चर एवं एलाईड सैक्टर डेवलपमेंट, यानि स्किल डेवलपमेंट, यानि नॉलेज बेस्ड सोसाईटी की स्थापना) अपने हाथ में लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में किसी भी प्रकार के नये कर का प्रावधान नहीं किया गया है।

इसमें गरीबों का ध्यान रखा गया है, किसानों का ख्याल रखा गया है, युवाओं और महिलाओं का ख्याल रखा गया है, पूर्व सैनिकों को ध्यान में रखा गया है, इस तरह के सन्तुलित बजट से एक नये उत्तराखण्ड का उदय होगा।  विधानसभा में प्रस्तुत बजट को सन्तुलित बजट बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सबका साथ सबका विकास के भाव को ताकत प्रदान करने वाला बजट है। यह बजट सरकार के दृष्टि पत्र के संकल्प को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण इन्स्ट्रूमेंट है। आम आदमी के लिए रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई और दवाई सभी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। बजट में कोई राजस्व घाटा अनुमानित नही है।

राजकोषीय घाटा एफआरबीएम एक्ट की निर्धारित सीमा के अन्तर्गत रखा गया है। बजट में पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढावा देने, कृषि, औद्यानिकी, पर्यटन के माध्यम से लोगों की आजीविका में वृद्धि करने का एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश में आधुनिक कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना और स्किल इण्डिया मिशन को बढ़ावा देने का सराहनीय कार्य किया गया है।

बजट में प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने, प्रदेश में शिक्षा एवं उच्च शिक्षा का विकास करने, महिला सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रावधान किये गये हैं। महिलाओं के कल्याण के लिए पण्डित दीनदयाल समाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना स्वागत योग्य कदम है। उत्तराखण्ड किसान आयोग के माध्यम से खेती और किसानी को एक नयी ताकत मिलेगी, साथ ही सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड देने का प्रावधान किया गया है।

– सुनील तलवाड़