बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति किया जागरूक


रुद्रपुर: युवाओं में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए एसएसपी सदानंद दाते ने सार्थक पहल करते हुए रुद्रपुर व आस-पास के स्कूलों के प्रधानाचार्यों को बुला कर सेमीनार की। एसएसपी ने कहा कि बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि वह जनजागरूकता अभियान चला कर नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने का प्रयास करेंगे। एसएसपी दफ्तर के सभागार में हुई सेमीनार में पुलिस कप्तान श्री दाते ने कहा कि बच्चों में नशे की प्रवत्ति बढ़ रही है। ऐसा देखने में आ रहा है कि बच्चे व्हाइटनर, नशे के केप्सूल व अन्य नशे की ओर बढ़ रहे हैं। पुलिस जनजागरूकता अभियान चला कर बच्चों और युवाओं के नशे के प्रति बढ़ते कदमों को रोकना चाहती है। एसएसपी ने कहा कि ऊधमसिंह नगर में नशा मुक्ति केंद्र या तो हैं ही नहीं। यदि हैं भी तो वहां सुविधाएं नहीं हैं।

कहा कि इसके लिए उन्हें स्कूलों का सहयोग भी चाहिए। उन्होंने प्रधानाचार्यों के सुझाव भी मांगे कि कैसे बच्चों को नशे से रोका जा सकता है। इस मौके पर प्रधानाचार्यों शार्ट मूवी भी दिखाई गई। सेमीनार में प्रधानाचार्य यशपाल शर्मा ने कहा कि बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के लिए कुछ हद तक अभिभावक भी जिम्मेदार हैं। अभिभावक मोबाइल फोन पर इतने व्यस्त रहते हैं कि उन्हें अपने बच्चों पर ध्यान देने की फुर्सत तक नहीं मिलती। कहा कि अभिभावकों को मोबाइल छोड़ कर बच्चों की परवरिश पर ध्यान देना चाहिए।

प्रधानाचार्य पूजा बोरा ने कहा कि बच्चों की हर गतिविधि पर अभिभावक को नजर रखनी चाहिए। वह कहां जा रहा है, उसके मित्र कौन हैं, कैसी संगत है? आदि पर अभिभावकों को ध्यान देना चाहिए। बच्चा यदि गुमसुम हो तो परिजनों को बच्चे के साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए। हिमालयन प्रोग्रेसिव स्कूल किच्छा के प्रधानाचार्य संजय स्टीफन ने कहा कि बच्चों को शुरू से ही नशे के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। नशे से क्या नुकसान हैं इसके प्रति उसे शिक्षित किया जाना चाहिए।