कोविंद का पलड़ा भारी


देहरादून: राष्ट्रपति चुनाव के लिए उत्तराखंड में कुल 71 विधायकों ने मतदान किया। इनमें 70 विधायक उत्तराखंड के और एक विधायक बिहार के हैं। चुनाव में भाजपा के 57, दो निर्दलीय, कांग्रेस के 11 विधायकों के साथ ही बिहार के एक विधायक ने मतदान किया।  सुबह से ही विधानसभा में चुनाव की तैयारी पूरी कर ली गई थी। विधानसभा व आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई।

दस बजे से मतदान आरंभ हुआ। सबसे पहले सुबह 10.05 बजे पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, वित्त मंत्री प्रकाश पंत के साथ बिशन सिंह चुफाल, विधायक राजेश शुक्ला ने वोट डाला। सीएम त्रिवेंद्र रावत भी अपना वोट डाले चुके हैं। राष्ट्रपति चुनाव में आरंभिक 2.30 घंटे में कुल 70 विधायक मतदान कर चुके थे।

बिहार के विधायक वीरेंद्र कुमार सिन्हा भी मतदान के लिए पहुंचे। वह यहां बेटे के एडमिशन के सिलसिले में आए हुए हैं। कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ममता राकेश आदेश चौहान भी वोट डाल चुके हैं। राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए उत्तराखंड विधानसभा में 71 विधायकों को अपने मत का प्रयोग किया। इनमें 70 विधायक उत्तराखंड के और एक विधायक बिहार के हैं।

प्रदेश के पांच लोकसभा सांसद और तीन राज्यसभा सांसद दिल्ली में मतदान करेंगे। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से बनाए गए पर्यवेक्षक निकुंज किशोर सुंदरे मतदान के दौरान पूरी गतिविधियों पर नजर रखे रहे। सचिव विधानसभा जगदीश चंद्र रिटर्निंग आफिसर की भूमिका में रहे।

मतदान में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए विशेष पैन का ही इस्तेमाल किया गया। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास ने बताया कि मतदान के बाद मतपेटी सील कर दी गईं। इसे मंगलवार को फ्लाइट से दिल्ली भेजा जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्रपति के चुनाव में रामनाथ कोविंद की जीत तय है। बिहार के आरजेडी विधायक विरेंद्र कुमार सिन्हा ने भी देहरादून स्थित विधानसभा भवन में मतदान किया।