श्रीमद्भागवत कथा से परिसर हुआ भक्तिमय


पंतनगर परिसर के जनमिलन केन्द, रामलीला मैदान में सात-दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। मथुरा से पधारे आचार्य गौरांग जी द्वारा ठाकुर जी के सृष्टि का वर्णन किया। सृष्टि का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि हर जीव भगवान का ही रूप है। जनमिलन केन्द्र, रामलीला मैदान में आयोजित सात-दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य गौरांग जी द्वारा सृष्टि का वर्णन करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को एक दूसरे में भगवान का दर्शन करना चाहिए। भक्त ध्रुव की तरह भगवान में सच्ची लगन होनी चाहिए।

इसी क्रम में भक्त प्रह्लाद का वर्णन करते हुए कहा कि जिस प्रकार उन्होंने भगवान में अपनी सच्ची श्रद्वा व निष्ठा लगायी उससे बुराई पर अच्छाई की जीत हुई और प्रह्लाद भगवान के सच्चे भक्त साबित हुए। कथा के दौरान भक्त प्रह्लाद व हिरण्याकश्यप व भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार का सचित्र वर्णन किया गया। भारी बारिश के बावजूद भी श्रद्वालुओं का उत्साह कायम रहा।

पूजा-अर्चना में आचार्य बलराम कृष्ण, अखेराम व कृष्ण मुरारी का योगदान रहा। इस अवसर पर आयोजन मे आशा रानी अवस्थी, रमेश चन्द्र भट्ट व शोभित पाल, कृष्ण दत्त शर्मा, हर्षवर्धन तिवारी, गिरधर सिंह फर्त्याल, उमेश कुमार सिंह, मनोज गुप्ता, एसके जैन, देवेन्द्र सिंह, केएस मेहरा, मनोज, राकेश तिवारी, केशव भट्ट व योगेश पंत की विशेष भूमिका रही।