सीएचसी सेंटर में चिकित्सकाें का टोटा


किच्छा: राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं मे कोई सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य की कमी के साथ साथ अब चिकित्सकों की कमी हो चली है। बता दें कि पिछले लगभग दो माह के भीतर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्साधीक्षक एस.राम, दर्शन सिंह व सिमरन का तबादला कर दिया गया। जबकि महिला चिकित्सक इंदिरा राजेश ने अपने को उ.प्र. के लिए रिलीव करा लिया है। इसके अलावा डा. पीडी पाण्डे व आरसी गर्ग संविदा पर है, जिन्हे शांतीपुरी के अस्पताल के रोगियों को भी देखने की जिम्मेदारी दी गई है। इस कारण नगर के सामुदायिक केन्द्र में सृजित चिकित्सकों में कुल आठ चिकित्सक में से केवल दो चिकित्सक ही रह गये है।

जिसके चलते क्षेत्र के मरीजों को ईलाज कराने में भारी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि किच्छा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रतिदिन तीन सौ से अधिक रोगी अपने उचपार के लिए आते है। इनमें महिलाओं की भी अच्छी खासी संख्या होती है जबकि महिला चिकित्सक के दो माह पूर्व उ.प्र. के लिए रिलीव होने के बावजूद इस पद पर अभी तक किसी महिला चिकित्सक की तैनाती नही की गई है। इस मामले में क्षेत्र के लोगों ने सरकार से तत्काल सरकारी चिकित्सालय में महिला चिकित्सक सहित अन्य विभागो के चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग करी जिस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गत दिनो स्वयं किच्छा सरकारी चिकित्सालय के लिए महिला चिकित्सक सहित तीन चिकित्सकों को तत्काल नियुकत किये जाने की घोषणा कर दी। परंतु घोषणा के लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी उक्त चिकित्सकों की अभी तक नियुक्ति न किये जाने से किच्छा का सरकारी चिकित्सालय नाम मात्र का स्वाास्थ्य केन्द्र बनकर रह गया है। इसके अतिरिक्त सुविधाओं के नाम में स्वास्थ्य केन्द्र के शौचालयों में भीषण गंदगी व बदबू से हाल बुरा है, ओटी की भी स्थित बेहद दयनीय है।

– सुरजीत कामरा